इंदौर। भाजपा सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री सहित सभी विधायको ने इंदौर शहर में तेजी से बढ़ रहे नाइट कल्चर पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही शहर को संस्कृति के अनुरूप ढालने का प्रयास अब वापस पुलिस और प्रशासन करेगा। फिलहाल यह बात युवाओं को थोडी असहज जरूर लग रही है कि नाइट कल्चर बंद होने से वह आधुनिक जीवनशैली व्यतीत नही कर पाएगे। लेकिन इंदौर शहर की प्रवृत्ति के अनुसार नाइट कल्चर का बंद हो जाना ही य़ुवाओं के लिए बेहत्तर है। इंदौर शहर एजुकेशन हब में विकसित हो रहा है ऐसी स्थिति में यहां पर प्रदेश सहित आसपास के राज्यों के भी युवा शिक्षा प्राप्त करने आते है। यहां पर जब वह नाइट कल्चर को देखते है तो उसके अनुसार अपना जीवन यापन करना शूरू कर देते है यह वह उम्र होती है जब स्व विवेक पूर्ण परिपक्व नही होता ऐसे में अपने अभिभावको की अनुपस्थिति में होस्टल में रहने वाले युवा तेजी से नाइट कल्चर की और आकृषित होते है लेकिन यह कल्चर उनके भविष्य को दांव पर लगा देता है। नाइट कल्चर में युवा नशे की चेपट में आ जाते है और फिर उनकी शिक्षा को वह कही पीछे छोड़ कर एक ऐसी जीवनशैली की ओर चले जाते है जहां से उनका भविष्य अंधकार मय हो जात है इसलिए इंदौर शहर को यदि एजुकेशन हब, आईआईटी,आईआईएम के पढ़े लिखे युवा तैयार करना है तो नाइट कल्चर का बंद हो जाना ही हमारे युवाओं के भविष्य के लिए बेहत्तर है।
नाइट कल्चर से दूर रहना ही है युवाओँ के लिए बेहत्तर
