300 फीट से भी अधिक ऊंचाई से गिरता है पानी
इंदौर। मध्य प्रदेश की धड़कन, इंदौर, सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि पर्यटन का खजाना है। साफ-सुथरी सड़कें, स्वादिष्ट व्यंजन और दिल को छू लेने वाली मेहमान नमाजी के लिए मशहूर, इंदौर पर्यटकों को अपनी ओर खींचता चला आ रहा है। राजवाड़ा की ऐतिहासिक भव्यता से लेकर लालबाग की शाही ठाठ तक, इंदौर अपने आप में एक आकर्षण का केंद्र है। लेकिन क्या आपको पता है, इंदौर की असली खूबसूरती उसके बाहर, आसपास के इलाकों में बिखरी हुई है? मानसून के मोहक मौसम में, जब प्रकृति हरे रंग की चादर ओढ़ लेती है, तो इंदौर का आसपास मानसून के दीवाने पर्यटकों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होता। बर्फ से ढके पहाड़ों और दूर-दराज के हिल स्टेशनों पर जाने की बजाय, इस बार कुछ अलग ट्राई करने का मन बना रहे हैं, तो इंदौर के आसपास के इन मनमोहक मानसून डेस्टिनेशन पर जरूर गौर फरमाएं।
पातालपानी झरना
इंदौर की प्राकृतिक छटा का गवाह बनने के लिए, शहर से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पातालपानी झरने से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। मानसून के दौरान, यह झरना अपने असली रूप में सामने आता है। 300 फीट से भी अधिक ऊंचाई से गिरते हुए पानी का प्रचंड वेग, आसपास के वातावरण को धुंध के जादुई पर्दे से सजा देता है। इस नजारे को देखते हुए, आप प्रकृति की शक्ति और सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। मानसून की हरी-भरी वादियां झरने के आसपास और भी मनमोहक हो जाती हैं, जो आपको अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेंगी। मानसून के दिनों में प्रकृति की सुंदरता में चार-चांद लग जाते हैं. चारों तरफ हरे-भरे नजारे और बारिश की फुहारे दिखाई देती हैं.
बरसात में है सबकों लुभाता
इंदौर की महू तहसील में स्थित पातालपानी का झरना बारिश के साथ ही पर्यटकों को लुभाने लगता है।वही इंदौर शहर से बड़ी संख्या में शहरवासी यहां पर वीकएंड मनाने आते है। यहां की प्राकृतिक सौंदयता सबकों अपनी ओर खीचती है। यहां के झरने में पहाडों से निकला पानी आता है। यहां पर बारिश के दिनों में अचानक झरने का बहाव तेज हो जाता है। यहां पर घुमने जाने वाले पर्यटकों को झरने के ऊपर बीच में ना जाने की हिदायत भी दी जाती है। यहां पर बारिश में अचानक से अत्यधिक तेज गति से नदी का पानी आता है जिससे इस झरने का सौंदर्य की गुना बढ़ जाता है। जिसे देखने लिए इंदौरवासी सदैव मानसुन का इंतजार ही करते रहते है।