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‘शब्द-संगीत’ में दिखा कविता और संगीत का अनूठा संगम, दर्शकों ने सराहा प्रभात और सृष्टि का नया प्रयोग

इंदौर(विनोद गोयल)। इंदौर में आयोजित म्यूजिकल पोएट्री शो “शब्द संगीत” ने साहित्य और संगीत प्रेमियों को एक अलग ही अनुभव से रूबरू कराया। कार्यक्रम में शब्दों और सुरों का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित दर्शकों को शुरुआत से अंत तक बांधे रखा। इस म्यूजिकल पोएट्री शो का आयोजन इंदौर में अलाप स्टूडियो में किया गया था, जहां साहित्य और संगीत प्रेमियों की अच्छी खासी उपस्थिति रही। मंच पर जैसे ही प्रभात पंचोली ने अपनी रचनाएं सुनाना शुरू किया, सृष्टि पाटीदार के हैंडपैन की धुनों से उन शब्दों को एक अलग ही गहराई दे दी। कविता, ग़ज़ल, कहानी और संगीत का यह संयोजन दर्शकों के लिए एक नया और यादगार अनुभव साबित हुआ।

प्रभात पंचोली की प्रस्तुतियों में बालपन के प्रेम का अहसास, सामाजिक संवेदनाओं, मानवीय भावनाओं और जीवन के अनुभवों की झलक दिखाई दी। वहीं सृष्टि पाटीदार के हैंडपैन से निकलती मधुर धुनों ने हर रचना के भाव को और प्रभावी बना दिया। इस अनूठे प्रयोग ने इस क्षेत्र को एक नई दिशा दी है। जो अर्थपूर्ण भी है और रचनात्मक भी है।

दर्शकों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान कलाकारों की प्रस्तुति को खूब सराहा और कई बार तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। उपस्थित लोगों का कहना था कि कविता और लाइव म्यूजिक का यह मेल बहुत कम देखने को मिलता है और “शब्द संगीत” ने इस दिशा में एक नया प्रयोग पेश किया है। आज इस शो में हमें ना सिर्फ अनूठापन देखने को मिला बल्कि यह भी देखने को मिला कि जब शब्द और संगीत मिलते हैं तो जादू होता है।

म्यूजिकल पोएट्री शो के अंत में सभी ने इस तरह के और आयोजनों की उम्मीद जताई। कुल मिलाकर “शब्द संगीत” का यह म्यूजिकल पोएट्री शो दर्शकों के लिए एक यादगार और शानदार अनुभव बन गया।

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