इंदौर। धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए और बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में हुई सुनवाई के दौरान ऐसा फैसला सामने आया जिसने पूरे मामले को और भी रोचक बना दिया।
दरअसल, अदालत ने संकेत दिया है कि इस बार सच्चाई जानने के लिए न्यायालय खुद मैदान में उतरेगा। हाई कोर्ट के माननीय न्यायाधीश जल्द ही धार पहुंचकर विवादित भोजशाला परिसर का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे। माना जा रहा है कि यह पहली बार होगा जब अदालत खुद मौके पर जाकर स्थल की वास्तविक स्थिति को देखेगी।
सभी पक्षों के आवेदन किए स्वीकार
सोमवार की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले में पक्षकार बनने के लिए दायर सभी आवेदनों को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उसे अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला। अब इस बहुचर्चित मामले की नियमित सुनवाई 2 अप्रैल से शुरू होगी। उससे पहले न्यायालय द्वारा भोजशाला परिसर का निरीक्षण किया जाएगा, जिससे विवाद से जुड़े तथ्यों और दावों की वास्तविकता को समझा जा सके।
लंबे समय से चल रहा है मामला
धार की यह ऐतिहासिक भोजशाला लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक दावों को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में हाई कोर्ट का यह कदम मामले की दिशा तय करने में बेहद निर्णायक माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें उस दिन पर टिकी हैं, जब न्यायालय खुद इस ऐतिहासिक स्थल पर पहुंचकर सच्चाई का सामना करेगा।


