इंदौर/बड़वाह(विनोद गोयल)। पवित्र नगरी Omkareshwar Jyotirlinga के सान्निध्य में अग्रवाल वैश्य समाज के लिए एक यादगार और उत्साहपूर्ण परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। अग्रसैन सोशल ग्रुप इंदौर और अग्रसैन सोशल ग्रुप बड़वाह के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज में नए रिश्तों की मजबूत नींव रखी।
निमाड़ क्षेत्र के अग्रवाल वैश्य समाज के लिए पहली बार जायसवाल अतिथि गृह, ओंकारेश्वर में आयोजित इस सम्मेलन में समाज के युवाओं और परिवारों का उत्साह देखने लायक था। कार्यक्रम को सफल बनाने में अग्रसैन सोशल ग्रुप इंदौर का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा, जबकि व्यवस्थाओं को मूर्त रूप देने में अग्रसैन सोशल ग्रुप बड़वाह ने शानदार भूमिका निभाई।
650 से अधिक युवक-युवतियों की प्रविष्टियां हुई प्राप्त
ग्रुप समन्वयक राजेश गर्ग और संचालक शिव जिंदल ने बताया कि सम्मेलन के लिए 650 से अधिक युवक-युवतियों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। दिनभर चले इस परिचय सत्र में 115 से अधिक युवाओं ने मंच से अपना परिचय दिया, जिससे माहौल उत्साह और उम्मीदों से भर गया। देर शाम तक करीब 20 रिश्ते तय होने की स्थिति बन चुकी थी, जिससे परिवारों में खुशी और उत्सुकता का माहौल रहा।
सम्मेलन में प्रतिभागियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। सभी के लिए निःशुल्क नाश्ते और भोजन की व्यवस्था की गई, वहीं प्रत्याशियों के बायोडाटा बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित किए गए, जिससे उपस्थित परिवारों को जानकारी प्राप्त करने में आसानी हुई।
निमाड़ क्षेत्र के सहयोगी संगठनों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान अग्रसैन सोशल ग्रुप बड़वाह के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने निमाड़ क्षेत्र के सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों का सम्मान किया। समापन समारोह में नगरपालिका बड़वाह के अध्यक्ष राकेश गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सम्मेलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अध्यक्ष कमलेश मित्तल, राजकुमार बंसल, सम्मेलन संयोजक विनोद गोयल, सतीश गोयल (हरसूद), विजय गर्ग, जगदीश बंसल, गोपाल गर्ग, हरीश अग्रवाल, निरंजन गुप्ता और गजेन्द्र अग्रवाल (ओंकारेश्वर) को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा मिलन-संपर्क और समन्वय में ग्रुप के महिला प्रकोष्ठ की सविता जिंदल, अनीता एरन, संगीता गोयल, सुमन गोयल, कविता अग्रवाल और निशा अग्रवाल (बड़वाह) की भूमिका भी बेहद सराहनीय रही। देर शाम तक ग्रुप के 50 से अधिक सदस्य आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे रहे, जिससे यह सम्मेलन न सिर्फ सफल रहा बल्कि समाज में नए रिश्तों की उम्मीदों से भरा एक यादगार और रोमांचक आयोजन बन गया।


