किफायती प्रोटीन और बेहतर पोषण पर फोकस करेगा सोया कॉन्क्लेव, आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर
मुंबई। देश में किफायती और पौष्टिक प्रोटीन की जरूरत के बीच सोया फूड प्रमोशन एंड वेलफेयर एसोसिएशन (एसएफपीडब्ल्यूए) की ओर से 30 सितंबर को मुंबई के आईटीसी मराठा में एसएफपीडब्ल्यूए सोया कॉन्क्लेव 2026 आयोजित किया जाएगा। ‘अनलॉकिंग द सोया अपॉर्च्युनिटी : प्रोटीन, फूड, ट्रेड एंड इनोवेशन’ थीम पर होने वाले इस कॉन्क्लेव में सोया को केवल कृषि और उद्योग से जोड़कर देखने के बजाय इसे आम लोगों के पोषण, प्रोटीन की जरूरत, फूड इनोवेशन और बेहतर खानपान से जोड़ने पर भी चर्चा होगी।
आयोजकों के अनुसार आज प्रोटीन को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद आम उपभोक्ताओं के बीच किफायती और आसानी से उपलब्ध प्रोटीन स्रोतों को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं है। ऐसे में सोया फूड्स और सोया-बेस्ड प्रोडक्ट्स को रोजमर्रा के भोजन में शामिल करने के विकल्पों, इनके उपयोग और अलग-अलग फूड एप्लीकेशंस के बारे में जागरूकता बढ़ाना कॉन्क्लेव का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। कार्यक्रम में ‘प्रोटीन फॉर इंडिया’ सत्र के दौरान कंज्यूमर फूड्स, न्यूट्रिशन, कुकिंग एप्लीकेशंस, अफोर्डेबल प्रोटीन और जिम्मेदार उपभोक्ता संचार पर विशेष चर्चा होगी।
कॉन्क्लेव में सरकार, इंडस्ट्री, रिसर्च संस्थानों, सोयाबीन प्रोसेसर्स, फूड एवं इंग्रीडिएंट कंपनियों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स और ट्रेड बॉडीज से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। चर्चा का उद्देश्य सोयाबीन के उत्पादन से लेकर उसकी प्रोसेसिंग, फूड प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल और उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली पूरी वैल्यू चेन को एक मंच पर लाना है। इसमें फूड-ग्रेड सोयाबीन, क्वालिटी, ट्रेसबिलिटी, क्लाइमेट-स्मार्ट सप्लाई चेन, सोयाबीन ट्रेड, प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी और वैल्यू-एडेड फूड्स पर भी विचार-विमर्श होगा।
*एसएफपीडब्ल्यूए के चेयरमैन डॉ. सुरेश इतापु ने कहा कि* भारत में किफायती, पौष्टिक और सस्टेनेबल प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की बढ़ती जरूरत को पूरा करने में सोया फूड और सोया-बेस्ड इंग्रीडिएंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव का उद्देश्य सोयाबीन प्रोडक्शन, फूड-ग्रेड वैरायटी, क्लाइमेट – स्मार्ट वैल्यू चेन, प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी, न्यूट्रिशन साइंस, प्रोडक्ट इनोवेशन और कंज्यूमर अवेयरनेस के बीच बेहतर जुड़ाव तैयार करना है।
*एसएफपीडब्ल्यूए के नेशनल कन्वीनर राज कपूर ने* सोया को देश के न्यूट्रिशन एजेंडे से जोड़ते हुए सार्वजनिक जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया है। एसएफपीडब्ल्यूए की राष्ट्रीय स्तर की पहल में सोया को भारत के फूड और न्यूट्रिशन एजेंडे की मुख्यधारा में लाने तथा किफायती प्रोटीन की उपलब्धता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। राज कपूर ने एक सार्वजनिक टिप्पणी में इसे साझा मिशन बताते हुए कहा था कि “2026 का ईयर ऑफ सोया सिर्फ शुरुआत है।”
*राज कपूर के अनुसार,* सोया को लेकर जागरूकता केवल किसानों या फूड इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उपभोक्ताओं तक भी पहुंचनी चाहिए। सोया से बनने वाले टोफू, सोया मिल्क, टेक्सचर्ड वेजिटेबल प्रोटीन और अन्य वैल्यू-एडेड फूड्स के बारे में उपभोक्ताओं को जानकारी मिलने से लोग अपने भोजन में उपलब्ध प्रोटीन विकल्पों को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। कॉन्क्लेव में इसी उपभोक्ता जागरूकता, न्यूट्रिशन और फूड इनोवेशन के बीच संबंध पर भी चर्चा होगी।
कार्यक्रम में ‘द राइट सोयाबीन फॉर फूड’, ‘सोयाबीन ट्रेड एंड मार्केट्स’, ‘सोया इंग्रीडिएंट्स एंड इनोवेशन’ और ‘प्रोटीन फॉर इंडिया’ जैसे सत्र होंगे। इनमें सोया प्रोटीन, आइसोलेट्स, कॉन्संट्रेट्स, टीवीपी, टोफू, सोया मिल्क, बेकरी और प्लांट-बेस्ड फूड एप्लीकेशंस पर चर्चा होगी। साथ ही सोया फूड्स को भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने और न्यूट्रिशन संबंधी जानकारी को जिम्मेदारी के साथ लोगों तक पहुंचाने पर भी विचार होगा।
कॉन्क्लेव में स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए उपलब्ध अवसरों पर भी विशेष सत्र होगा। सोया-बेस्ड हेल्थ फूड्स, प्रोटीन प्रोडक्ट्स, स्नैक्स, बेवरेजेस, बेकरी, न्यूट्रिशन एप्लीकेशंस और वैल्यू-एडेड फूड मैन्युफैक्चरिंग में संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि इससे सोया सेक्टर में इनोवेशन और नए प्रोडक्ट्स के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प विकसित करने की दिशा में चर्चा आगे बढ़ेगी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ इंडस्ट्री लीडर्स गिरीश मतलानी, एसओपीए के माननीय सचिव और सोनिक बायोकैम एक्सट्रैक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सहित अन्य विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। चर्चा में नॉन-जीएमओ सोया इंग्रीडिएंट्स, वैल्यू-एडेड सोया फूड्स और भारत के सोया फूड सेक्टर के विकास से जुड़े विषय भी शामिल होंगे। कॉन्क्लेव का समापन ‘सोया अपॉर्च्युनिटी रोडमैप’ के साथ होगा, जिसमें भारत के सोया फूड, प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, न्यूट्रिशन, ट्रेड और वैल्यू-एडेड सोयाबीन सेक्टर को मजबूत करने से जुड़ी प्राथमिकताओं को सामने रखा जाएगा।


