सैकड़ों मातृशक्ति शामिल हुई माता की आराधना और रंगारंग गरबों में माता के नौ मनोहारी स्वरूपों के दर्शन करने
महिला प्रकोष्ठ के लव यू जिन्दगी कार्यक्रम में मीरा गार्डन पर शक्ति और भक्ति का हुआ अनूठा संगम
इंदौर। राजीव गाँधी चौराहा स्थित मीरा गार्डन पर महिला प्रकोष्ठ अग्रवाल समाज के “लव यू जिन्दगी” की श्रृंखला में बुधवार को शक्ति और भक्ति के समन्वय का मनोहारी और नयनाभिराम दृश्य देखने को मिला जब सैकड़ों मातृशक्तियों ने “माता की चौकी” सजाकर माँ भगवती से राष्ट्र में सदभाव, सनातन संस्कृति की मजबूती और सामाजिक एकता की प्रार्थना की। दोपहर करीब 3 बजे से शुरू हुए इस महोत्सव में शहर की अनेक गणमान्य और प्रतिष्ठित मातृशक्ति तथा अन्य अतिथियों ने भी सहभागिता दर्ज कराई। महोत्सव में शामिल सभी बहनों को परम्परिक श्रृंगार सामग्री वाली श्रृंगार पोटली भी उपहार स्वरुप भेंट की गई।
कार्यक्रम संयोजक सुविधा गोयल, मीरा गोयल एवं प्रकोष्ठ की प्रमुख प्रतिभा मित्तल ने बताया कि बुधवार को दोपहर में माता की चौकी के श्रृंगार दर्शन प्रारम्भ होते ही मीरा गार्डन पर माता रानी के जयकारे गूंजने लगे। सैकड़ों महिलाओं ने उत्सव में भागीदारी के लिए एक दिन पहले ही मेहँदी रचा रखी थी। इन मेहँदी रचे हाथों से माता की चौकी का चुनरी, फूलों एवं अन्य श्रृंगार साधनों से इतना आकर्षक श्रृंगार किया गया था कि जिसने भी देखा, एकटक देखता ही रह गया। सैकड़ों मोबाइल की फ्लश रोशनी लगातार चमकती रही।
अतिथि के रूप में श्रीमती आशा कैलाश विजयवर्गीय, जूही पुष्यमित्र भार्गव, संध्या मीरचंदानी, सपना कुलभूषण मित्तल कुक्की, संगीता अरविन्द बागड़ी, प्राची महेंद्र अग्रवाल, रेखा पंडित, रजनी भंडारी सहित शहर की अनेक समाजसेवी महिलाएं भी उत्सव में शामिल हुई और माता की चौकी के दर्शन कर आरती में भाग लिया। समाजसेवी महेश मित्तल सहित अन्य समाजों के प्रमुख पदाधिकारी भी महोत्सव में शामिल हुए। माता की चौकी का श्रृंगार इतना प्रभावी एवं चित्ताकर्षक था कि दर्शकों को अपने स्थान से बार-बार हटाने का आग्रह करना पड़ा। इस दौरान भगवती महिला मंडल का विशेष सहयोग रहा। माता रानी को 56 भोग समर्पित करने के बाद हुई आरती में एक हजार से अधिक महिलाएं शामिल हुई।
इसके पश्चात शाम ढलते ही भारतीय परिधान में परम्परागत गरबे की रंगारंग प्रस्तुतियों ने तो इस महोत्सव को और अधिक मनोहारी बना दिया। सभी मातृशक्ति लाल रंग के परिधान में आई थीं, जो शक्ति, ऊर्जा एवं माँ के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। माँ के 9 दिव्य रूपों को भी इस अवसर पर विशेष पात्रों द्वारा श्रीमती गायत्री पालीवाल के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया। प्रवक्ता गरिमा गुप्ता के अनुसार गरबा की रंगारंग प्रस्तुतियों में कब घड़ी की सुईयां एकाकार हो उठी, पता ही नहीं चल सका। लव यू जिन्दगी की ओर से श्रीमती प्रतिभा मित्तल ने इस मौके पर सभी मातृशक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि नारी शक्ति, सनातन संस्कृति, परम्परा और सामूहिक उत्सव का अनूठा समन्वय है।

