गोयल परिवार-गोयल ग्रीन
देश के प्रख्यात युवा कथाकार इन्द्रेशजी 23 से 29 अक्टूबर तक स्टार चौराहा, एमआर-10 पर करेंगे भागवत ज्ञान यज्ञ की अमृत वर्षा
विशाल पांडाल में प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक भक्ति की मस्ती में थिरकेंगे शहर के लाखों श्रद्धालु
इंदौर। शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में 23 अक्टूबर से एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है जब देश के प्रख्यात युवा कथा वाचक इन्द्रेश उपाध्याय (श्रीधाम वृन्दावन) एमआर-10, स्टार चौराहा पर विशाल पांडाल में व्यास पीठ पर विराजित होकर श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ की अमृत वर्षा करेंगे। अपने “राधा गौरी गौरी” और “राधा रमणम” सहित अनेक लोकप्रिय भजनों से देश के युवाओं को भक्ति की मस्ती में थिरकाने वाले इन्द्रेशजी 23 से 29 अक्टूबर तक इंदौर में रहकर अपने भक्तों को भागवत ज्ञानामृत की अलौकिक मस्ती में भिगोएँगे। यह दिव्य आयोजन स्टार चौराहा पर प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक चलेगा। शहर के प्रतिष्ठित गोयल परिवार-गोयल ग्रीन ने उनके इस संगीतमय अनुष्ठान के आयोजन का संकल्प लिया है।
आयोजन के सूत्रधार आशीष विजय गोयल ने बताया कि 29 वर्षीय इन्द्रेशजी की दीवानगी का आलम यह है कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इंस्टाग्राम पर उनके लगभग 20 मिलियन फालोअर्स हैं और यूट्यूब पर भक्तिपथ नामक चैनल पर 133 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। उनके भजन देश-विदेश में लाखों करोड़ों लोगों तक पहुँच चुके हैं और सोशल मीडिया पर भी उनके भजन अक्सर वायरल होते रहते हैं। “राधा गौरी गौरी” भजन एक पंजाबी गायक ने भी गाया है और इन्द्रेशजी ने भी इसे अपने अंदाज में प्रस्तुत किया है। दिलचस्प यह भी है कि उक्त भजन इन दोनों की मधुर आवाज़ में इतना लोकप्रिय हुआ है कि उनके फालोअर्स की संख्या निरंतर बढती जा रही है। वे कथा सुनाते समय भक्ति के रस में इतने तल्लीन हो जाते हैं मानो कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि भगवान का कोई विशेष दूत कथा सुना रहा हो। अपने मनमोहक व्यक्तित्व और मधुर स्वभाव से देश-विदेश में लोकप्रिय इन्द्रेशजी के प्रवचन भगवद गीता और अन्य कई धार्मिक ग्रन्थों पर आधारित होते हैं। उन्हें भक्ति के साथ संगीत में भी महारत हासिल है और पूरे देश में उनके भजन समान रूप से सुने जाते हैं। उनके इन दोनों भजनों के अलावा बैरागन…, प्यारो वृन्दावन……, जादू करके……. और गोवर्धनवासी भी काफी लोकप्रिय हुए हैं।
इन्द्रेशजी ने मात्र 13 वर्ष की आयु में ही अपने पिता श्रीकृष्ण चन्द्र ठाकुरजी से सम्पूर्ण भगवद गीता सीख ली थी। वे बचपन से ही एक प्रतिभावान छात्र और अद्भुत कहानीकार रहे हैं। उनके पिता ही उनके गुरु और अध्यात्मिक प्रशिक्षक हैं। सोशल मीडिया पर जेन-जी के बीच वे काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। अब इंदौर में उनकी कथा का जादू 23 से 29 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 से सांय 7 बजे तक चलेगा। आयोजकों ने भक्तों की सुविधा के लिए कथा स्थल पर विशाल पांडाल के साथ ही शीतल पेय जल, रोशनी, स्वच्छता, सुरक्षा, वाहन पार्किंग, प्राथमिक चिकित्सा, अग्नि शमन सहित समुचित प्रबंध करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

