पार्किग ठेकेदार पर मेहरबान प्रशासन-एमवाय की पर्ची दे,चला रहे बिजासन मंदिर की पार्किंग

इंदौर (सतदीप सिंह भाटिया)। नवरात्रि के दिनों में बिजासन माता मंदिर पर पार्किंग में ठेकेदार ने अपनी मर्जी चला रखी है। यहां वाहन चालकों से वाहन पार्किंग के नाम पर लूट जारी है। वो यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एमवाय अस्पताल की पर्ची दे कर पार्किंग चार्ज वसूल रहा है। जबकि यह वाहन सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हो सकता है। यदि यहां पार्किंग से वाहन चोरी हुआ तो रिपोर्ट लिखाना मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही यहां पर काम करने वाले कर्मचारियों का कोई पुलिस वैरिफिकेश भी नहीं किया गया है। जिससे यदि यहां पर कोई असामाजिक तत्व भी कर्मचारी को अपना वाहन चोरी होने पर पहचान नहीं सकता है। इसके साथ ही यहां मौजूद पार्किंग कर्मचारी वाहन चालकों और यहां आने वाली महिला श्रद्दालूओं से अभ्रदता करते हुए भी नजर आते है। इसके साथ ही यहां पर पार्किंग ठेकेदार राजेश चौकसे द्वारा मनमाने तरीके से जनता की जेब से वसूली की जा रही है। लेकिन यहां प्रशासन का कोई अकुश भी नजर नहीं आ रहा है। जबकि प्रशासन को यहां पर पार्किंग की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण करना चाहिए क्योंकि यहां पर अष्टमी- नवमी पर अत्यधिक भीड उमड़ती है ऐसे में यहां पर यदि कोई विवाद या किसी भी तरह की कोई घटना हो जाती है तो उसका जिम्मेदार कौन होंगा।

38 लाख में दिया गया है पार्किंग ठेका

सुत्रों से मिली जानकारी अनुसार बिजासन माता मंदिर की पार्किंग का ठेका पीडब्ल्यूडी ने 38 लाख रुपए में राजेश चौकसे नामक व्यक्ति को दिया हैयहां लगे बोर्ड के मुताबिक, दुपहिया वाहनों के 10 और चार पहिया वाहनों के लिए 20 रुपए तक लिया जाने का विवरण है। लेकिन पार्किंग ठेकेदार यहां पर वाहन चालको से 30 से 50 रुपए तक की वसूली कर रहा है। जो लोग विरोध करते हैं उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने यहां का ठेका तो दे दिया लेकिन बाद में आकर झांका तक नहीं कि यहां पर पार्किंग ठेकेदार द्वारा कोई मनमानी तो नहीं की जा रही है इससे प्रतीत होता है कि ठेकेदार को अपनी मनमर्जी करने की छूट दे दी गई है।

वाहन चोरी पर कैसे लिखाएँगे रिपोर्ट?

पार्किंग ठेकेदार को द्वारा यहां पर वाहन पार्किंग के दौरान एमवाय की पार्किंग की पर्ची दी जा रही है क्योकि ठेकेदार की एक पार्किंग एमवाय अस्पताल में भी चलती है ऐसे में यदि यहां पर इसका फायदा असमाजिक लोगों या चोरों ने उठा लिया तो यहां से गायब हुए वाहन का पता कैसे लगाया जाएंगा। क्योकि यदि यहां से वाहन चोरी हो गया तो एरोड्रम थाना पुलिस रिपोर्ट तक दर्ज नहीं करेंगी क्योकि वाहन चालक के पास पर्ची एमवाय अस्पताल परिसर के होगी। ऐसे में यदि एमवाय अस्पताल संयोगितागंद थाना क्षेत्र में आता है तो वहां कि पुलिस वाहन चोरी की रिपोर्ट लिख ही नही सकती क्योकि वाहन बिजासन मंदिर परिसर से चोरी हुआ है। अब वाहन चालक तो अपने वाहन की चोरी की रिपोर्ट भी नहीं लिखा पाएगा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। जबकि वाहन चालक ने अपने वाहन की सुरक्षा के लिए उसे पार्किंग में ही खड़ा किया था।

एरोड्रम पुलिस ने कर दिए हाथ खड़े

सुत्रों का कहना है कि नवरात्रि के दिनों में ही यहां से वाहन चोरी हो चुका है। जब वाहन चालक इसकी शिकायत लेकर पार्किंग ठेकेदार के पास पहुंचा तो उसने अपना पल्ला झाड़ दिया और वाहन चालक को ही दबाव बना कर यहां से भगा दिया। इसके बाद जब वाहन चालक एरोड्रम थाने पहुंचा तो पुलिस ने रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की। पुलिस ने कह दिया कि आपके पास बिजासम माता मंदिर पार्किंग की पर्ची नहीं है तो रिपोर्ट नहीं लिखी जाएंगी। मतलब पुलिस भी पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान नजर आई जबकि पुलिस प्रशासन को ऐसा मामला सामने आने पर तुरंत पार्किगं ठेकेदार पर कार्रवाई करनी थी। यदि पुलिस ही आम जनता का साथ नहीं देगी तो जनता बेचारी क्या करेंगी।

कर्मचारियों की जानकारी भी नही एरोड्रम पुलिस के पास

बिजासन माता मंदिर पार्किंग में असामाजिक तत्वों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। जिसकी शिकायत करने आमताौर पर कोईप हुंचता नहीं है क्योकि हर कोई पुलिस से ऐसे मामलों में दूर ही रहना पंसद करता है आम व्यक्ति इन बातों को सहन कर जाता है लेकिन यदि किसी दिन कोई बड़ा विवाद हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। जबकि पुलिस के पास यहां पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का वैरिफिकेशन होना चाहिए पुलिस को भी यहां पर चेकिंग करना चाहिए लेकिन ऐसी कुछ कार्रवाई पुलिस ने नहीं की है ना हि यहां पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का कोई पुलिस वैरिफिकेश पुलिस के पास मौजूद ऐसे मे कोई चोर-उच्चका भी यहां पर कर्मचारी बन कर वाहन चोरी की वारदात को अंजाम दे सकता है। जिसका जिम्मेंदार कौन होंगा। कर्मचारीयो कि सूचना पार्किंग ठेकेदार द्वारा थाने में नहीं दी गई है। तो पुलिस को पार्किंग ठेकेदार पर कार्रवाई करना चाहिए। लेकिन सूत्रों की माने तो मेला प्रबंधक भी पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान है जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। और जनता यहां पर परेशान हो रही है। लेकिन जनता की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है।

पर्ची खत्म हो गई थी

मामले में पार्किंग ठेकेदार राजेश चौकसे का कहना है कि बिजासन मंदिर पार्किंग की पर्ची खत्म हो गई थी इसलिए एमवाय अस्पताल की पर्चीं दे कर वाहन पार्किंग करा दी गई थी। यहीं गाड़ी चोरी होने की स्थिति में क्या होगा, इस पर वो चुप हो गए।

प्रशासन के आदेशों की उड़ रही धज्जियां

बिजासन मंदिर पार्किंग के मामले में प्रशासन के नियमों की अनदेखी तो की जा रही है। साथ ही इन पार्किंग माफिया पर किसी प्रकार का कोई अंकुश लगाने का प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है। यहां पर पार्किग ठेकेदार बन कर राजेश चौक से द्वारा उदयवीर इंटरप्राइजेज के नाम से पार्किंग ली गई है लेकिन पार्किंग ठेकेदार का पुलिस वैरिफिकेश ही नहीं है। जबकि सुत्रों का कहना है कि पार्किंग ठेकेदार पर ही कई प्रकरण दर्ज है। यदि पुलिस इसकी जांच कर जानकारी निकाले तो शहर के कई थानों में उक्त ठेकेदार का रिकॉड मिल जाएगा तो अब पार्किंग ठेकेदार को ठेका देने पर ही प्रश्न चिन्ह लग है कि किसी आपराधिक प्रकरण दर्ज व्यक्ति को पार्किंग का ठेका कैसे दिया गया। यह अब जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के लिए जांच का विषय है कि शहर में कई स्थानों पर चल रहे पार्किंग ठेकेदारों और कर्मचारी का पुलिस वैरिफिकेशन क्यों नहीं हुआ है जबकि पार्किंग स्थल पर रोजाना जनता का आनाजाना रहता है इसके साथ ही जनता अपने खरे पसीने की कमाई से खरीदे गए वाहन को किसके हाथ में सौंप कर सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हो रही है। यदि किसी दिन पार्किंग पर कोई बड़ा विवाद या गैंगवार जैसी घटनाएं हो गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा यह अब प्रशासन को तय करना होगा।

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