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जूठन नहीं छोड़ने और शहर को स्वच्छ रखने का लिया आठवां फेरा, अग्रसेन महासभा ने शुरू की अनोखी रस्म

इंदौर (विनोद गोयल)।      गोधूलि बेला में शहनाई एवं ढोल-नगाड़ों की सुर लहरियों के बीच बायपास स्थित अग्रसेन महासभा भवन शनिवार शाम सामूहिक विवाह में शामिल युगलों के परिणय बंधन का साक्षी बन गया। इसके पूर्व इस्कॉन मंदिर से घोडियों पर सवार दूल्हों तथा बग्घियों में बैठी सजी-धजी दुल्हनों की शोभायात्रा बैंड-बाजों सहित निकाली गई।

आठवां फेरा को किया रस्मों में शामिल
सभी परंपरागत रस्मों के निर्वहन के बाद संध्या को नवयुगलों ने सात जन्मों तक साथ निभाने के लिए सात फेरे और आठवां फेरा अपने शहर और कस्बे को सफाई में अव्वल बनाने में सहयोग करने तथा किसी भी भोज समारोह में जूठन नहीं छोड़ने के संकल्प के साथ लिया। वरिष्ठ समाजसेवी विनोद अग्रवाल, प्रेमचंद गोयल, टीकमचंद गर्ग, राजेश गर्ग केटी, विष्णु बिंदल सहित अनेक विशिष्ठ अतिथियों की मौजूदगी में ढेरो उपहारों सहित नवयुगलों को सजल आंखों से बिदाई दी गई।

धूमधाम से हुआ आयोजन
श्री अग्रसेन महासभा की मेजबानी में सुबह महासभा भवन पर गणेश पूजन के साथ उत्सव का शुभारंभ हुआ। दूर-दूर से आए वर-वधू पक्ष के मेहमानों ने पूरे उल्लास के साथ परंपरागत रस्मों का पालन किया। महासभा की ओर से प्रचार संयोजक अजय आलूवाले एवं सीए एसएन गोयल ने बताया कि महासभा के अध्यक्ष कैलाश नारायण बंसल, मंत्री राजेश मित्तल, प्रमुख संयोजक राजेश जिंदल के मार्गदर्शन में राजेश गर्ग केटी, प्रकाश दीपचंद मोमबत्ती, प्रमोद बिंदल, महेंद्र पीडी अग्रवाल, ओमप्रकाश बंसल पम्प, प्रवीण मुरारका, नितिन एपेक्स, योगेश गोयल एवं विकास गोयल ने मेहमानों की अगवानी की।

संध्या को वर-वधू पक्षों के बीच सामेला हुआ तो होली और फूलों की खुश्बु से कार्यक्रम स्थल महक उठा। बैंडबाजों एवं प्रत्येक दूल्हे को छत्र-चंवर और एक रथ पर सवार महाराजा अग्रसेन के चित्र सहित इस्कॉन मंदिर से शोभायात्रा में नाचते-गाते मेहमानों और पदाधिकारियों का काफिला महासभा भवन पहुंचा, जहां प्रत्येक युगल के लिए तोरण द्वार, लग्नवेदी, विद्वान एवं मंडप की प्रथक-प्रथक व्यवस्था की गई थी। तोरण की बेला में सैकड़ों समाजबंधु मौजूद थे, जिन्होंने पुष्पवर्षा कर नवयुगलों के यशस्वी मंगलमय जीवन की शुभकामनाएं समर्पित की।

नवविहाहितों को दिए कई उपहार
लग्न के पश्चात नवयुगलों ने समाजसेवी प्रेमचंद गोयल, टीकमचंद गर्ग, विष्णु बिंदल के आतिथ्य में महाराजा अग्रसेन के चित्र की साक्षी में सभी युगलों को आजीवन जूठन नहीं छोड़ने, अपने आसपास साफ सफाई रखने और शहर को नौंवीं बार स्वच्छता में अग्रणी बनाने में सहयोग करने के लिए संकल्प दिलाए गए। सभी युगलों को गृहस्थी में काम आने वाली वस्तुएं भेंट की गई। आभार माना प्रमुख संयोजक राजेश जिंदल ने। इस अवसर पर शहर के अग्रवाल समाज की प्रमुख संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

21 व्यंजनों की सीमा का पालन
प्रमुख संयोजक राजेश जिंदल एवं अरूण आष्टावाले ने बताया कि इस सामूहिक विवाह में मेहमानों के लिए तीन समय नाश्ता-चाय, तीन समय भोजन की व्यवस्था की गई थी। भोजन में अधिकतम 21 व्यंजनों की सीमा का पालन किया गया, वहीं चल समारोह से यातायात बाधित नहीं होने देने, आशीर्वाद समारोह निर्धारित समय पर शुरू करने और सभी मेहमानों को ए.सी. कमरों में ठहराने के संकल्प भी लागू किए गए। समूचे भवन को आकर्षक विद्युत एवं पुष्प सज्जा से श्रृंगारित किया गया था। महासभा का यह 35वां आयोजन था। अब तक 550 से अधिक युगलों के विवाह महासभा की मेजबानी में संपन्न हो चुके हैं।

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