हमारे शरीर के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी है, क्योंकि यह हड्डियों और दांतों की मजबूती, मांसपेशियों के सही कामकाज, नर्वस सिस्टम की कार्यप्रणाली, और रक्त के थक्के बनने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खराब जीवनशैली और असंतुलित आहार की वजह से शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है? जब शरीर में कैल्शियम की कमी होती है, तो कुछ खास लक्षण दिखाई देते हैं जिन्हें पहचानकर आप जल्दी उपचार ले सकते हैं। आइए जानें, कैल्शियम की कमी के 6 प्रमुख लक्षण और इससे बचने के उपाय:
1. हड्डियों में दर्द और कमजोरी
कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे जोड़ों में दर्द और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। यदि आपको हड्डियों में दर्द या कमजोरी महसूस हो, तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है।
2. मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द
कैल्शियम मांसपेशियों के सही तरीके से काम करने में मदद करता है। इसकी कमी से मांसपेशियों में ऐंठन, खिंचाव, और दर्द हो सकता है। विशेष रूप से रात के समय पैरों में अचानक ऐंठन का होना, कैल्शियम की कमी का प्रमुख लक्षण है।
3. थकान और कमजोरी का अहसास
कैल्शियम की कमी से शरीर में थकान और कमजोरी महसूस होती है। यहां तक कि पर्याप्त नींद लेने के बाद भी शरीर में सुस्ती बनी रहती है। कैल्शियम की कमी से मेटाबोलिज्म प्रभावित होता है, जिससे ऊर्जा का स्तर गिर जाता है।
4. दांतों की समस्याएं
कैल्शियम दांतों की मजबूती के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि कैल्शियम की कमी हो, तो दांत कमजोर हो सकते हैं, मसूड़ों से खून आ सकता है और दांतों में सड़न हो सकती है। बच्चों में कैल्शियम की कमी से दांतों का विकास धीमा भी हो सकता है।
5. नाखूनों का कमजोर होना
कैल्शियम की कमी का असर नाखूनों पर भी दिखाई देता है। नाखून कमजोर हो जाते हैं, टूटने लगते हैं और कभी-कभी नाखूनों पर सफेद धब्बे भी दिखने लगते हैं। यह कैल्शियम या अन्य पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकते हैं।
6. दिल से जुड़ी समस्याएं
कैल्शियम दिल की मांसपेशियों के सही तरीके से काम करने में भी मदद करता है। इसके स्तर में कमी से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है, जिससे पलपिटेशन या सीने में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में, यह दिल की विफलता का कारण भी बन सकता है।
कैल्शियम की कमी को कैसे दूर करें?
डेयरी उत्पादों का सेवन करें: दूध, दही, पनीर और छाछ जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत होते हैं। इन्हें अपनी डाइट में शामिल करें।रें
हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करे: पालक, ब्रोकली, और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है।
कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ लें: मछली, अंडे, बादाम और तिल जैसे खाद्य पदार्थ कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं।
विटामिन-डी का सेवन करें: विटामिन-डी कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। सूरज की रोशनी प्राप्त करने से विटामिन-डी की कमी दूर की जा सकती है।
कैल्शियम सप्लीमेंट्स का सेवन करें: यदि आपकी डाइट से कैल्शियम की कमी पूरी नहीं हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह पर कैल्शियम सप्लीमेंट्स का सेवन करें। कैल्शियम की कमी को पहचानना और उसका इलाज करना बहुत जरूरी है ताकि हड्डियों और शरीर के अन्य अंगों की सेहत बनी रहे। अब आप इन लक्षणों को जानकर जल्दी से पहचान सकते हैं और अपनी डाइट में बदलाव करके कैल्शियम की कमी को दूर कर सकते हैं।