Indian economy

बजट 2026-27 से आर्थिक विवेक और बैंकिंग सुधारों को मिला नया आयाम

इंदौर (विनोद गोयल)।       “केंद्रीय बजट 2026-27 निरंतरता और भरोसे का एक सशक्त संदेश देता है। FY27 में सकल राजकोषीय घाटे को 4.3% पर रखते हुए पूंजीगत व्यय-आधारित राजकोषीय समेकन पर सरकार की प्रतिबद्धता आर्थिक विवेक को मजबूत करती है और विकास को गति देते हुए स्थिरता सुनिश्चित करती है। उच्च-स्तरीय बैंकिंग समिति का प्रस्ताव एक रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक है, जो ऋण विस्तार, उपभोक्ता संरक्षण और तकनीकी दक्षता के बीच संतुलन बनाने वाला स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।

 

संजय अग्रवाल, फाउंडर, एमडी एवं सीईओ, एयू एसएफबी ने कहा – एमएसएमई क्षेत्र के लिए यह बजट एक परिवर्तनकारी क्षण है। ₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड केवल अस्तित्व बनाए रखने से आगे बढ़कर ‘एंटरप्राइज चैंपियंस’ के निर्माण पर केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, टियर-II और टियर III शहरों में ‘कॉरपोरेट मित्र’ की शुरुआत क्रांतिकारी कदम है, जो यह सुनिश्चित करती है कि विकास की अगली लहर केवल महानगरों तक सीमित न रहे, बल्कि देश के आंतरिक क्षेत्रों से उभरे।

हम इनपुट और पूंजीगत वस्तुओं पर सीमा शुल्क में कटौती, एआई को अपनाने पर जोर, संरचनात्मक सुधारों की निरंतरता और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को प्रोत्साहन देने के प्रयासों का स्वागत करते हैं। यह बजट दूरदर्शी, विकास-उन्मुख और गैर-मुद्रास्फीतिकारी है।”

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