इंदौर(विनोद गोयल)। इंदौर स्थापना दिवस समारोह समिति के तत्वावधान में शहर के प्रथम शासक राव राजा राव नन्दलाल मंडलोई एवं अन्य शासकों की छत्रियों का सौल्लास पूजन किया गया।
बड़ा रावला में परम्परागत गादी पूजा
समिति के प्रमुख और मंडलोई परिवार के वंशज युवराज वरदराज मंडलोई सहित परिवार के अनेक सदस्यों और स्नेहीजनों ने पहले चंपाबाग और फिर दौलतगंज पहुंचकर वहां स्थित छत्रियों पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा अर्चना कर बड़ा रावला के सामने स्थित चिन्ताहरण गणेश मंदिर में शहर में शांति, सद्भाव एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। बड़ा रावला में उनकी परम्परागत गादी की पूजा भी की गई। मंडलोई परिवार ने होली के शुभ प्रसंग पर नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ भी समर्पित की।
शहर के व्यापार में मंडलोई परिवार का किया उल्लेख
इस अवसर पर जूनी इंदौर स्थित बड़ा रावला पैलेस से मंडलोई परिवार के वंशज राव राजा श्रीकांत मंडलोई, रानी साहिबा सौ. माधवी मंडलोई, युवराज वरदराज मंडलोई, राजाबाई श्रिया मंडलोई जमींदार एवं सुभाष व्यास और हेमेन्द्र पाठक सहित अनेक स्नेहीजनों ने शहर के विकास में मंडलोई परिवार के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि 3 मार्च 1716 को इंदौर के व्यापार को कर मुक्त बनाने के लिए राव राजा राव नंदलाल मंडलोई ने न केवल तत्कालीन रियासतों के राजाओं से संधि की बल्कि देश में सबसे पहले इंदौर के नन्दलाल पुरा के व्यापार को टेक्स फ्री ज़ोन बनाने का श्रेय भी उनके ही खाते में जाता है।
बड़े व्यापारियों को कारोबार का दिया था निमंत्रण
तब नन्दलाल पुरा ही पूरे परगने के कारोबार का मुख्य केंद्र था और इसे बसाने के लिए राजा ने आसपास के अनेक छोटे-बड़े व्यापारियों को भी इंदौर आकर कारोबार करने का न्योता दिया था। जयपुर का विकास सन 1730 में प्रारंभ हुआ जबकि इंदौर का सन 1703 में ही राजधानी बनने के साथ ही शुरू हो गया था। जिन शासकों से इंदौर के कारोबार को टेक्स फ्री करने की संधि की गई थी उनमें जयपुर के राजा सवाई जयसिंह भी शामिल थे और इंदौर के विकास को देखकर उन्होंने भी जयपुर के विकास का काम शुरू किया था। अब हम इंदौर स्थापना दिवस समारोह समिति के माध्यम से इंदौर के स्थापना दिवस पर अपनी खुशियाँ व्यक्त करना चाहते हैं।
छत्रियों पर पुष्पांजलि अर्पित की
चंपाबाग एवं दौलतगंज स्थित छत्रियों पर पुष्पांजलि एवं पूजा अर्चना के पश्चात बड़ा रावला के सामने स्थित चिंताहरण गणेश मंदिर में पूजा और प्रार्थना के बाद मिठाई का वितरण भी किया गया। संध्या को बड़ा रावला स्थित पैलेस भवन पर परंपरागत होलिका दहन में भी सैकड़ों नागरिक शामिल हुए।
रंगारंग आतिशबाजी होगी
युवराज वरदराज मंडलोई ने इंदौर स्थापना के 310 वर्ष होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को शाम 7 बजे जूनी इंदौर स्थित बड़ा रावला परिसर में रंगारंग अतिशबाजी का कार्यक्रम आयोजित किया है।
कारोबार की प्रगति देख कर मिलती है खुशी
उन्होंने कहा कि पूरे देश में जिस रफ़्तार से इंदौर में कारोबार के क्षेत्र में प्रगति हो रही है, उसे देखते हुए इस बात की प्रसन्नता होना स्वाभाविक है कि इसकी शुरुआत 310 वर्ष पूर्व मंडलोई परिवार के शासकों ने की थी। उनकी दूरदर्शितापूर्ण नीति का ही नतीजा है कि आज हमारा इंदौर न केवल कारोबार के क्षेत्र में, बल्कि स्वच्छता, खेलकूद, संस्कृति एवं धर्म अध्यात्म के क्षेत्र में भी अग्रणी बन गया है।


