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बिहार की राजनीति में बड़ा परिवर्तन, नीतिश युग का हुआ समापन, नए सीएम को लेकर संशय जारी

पटना।  बिहार की सियासत में बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। करीब दो दशक से अधिक समय तक सत्ता की धुरी रहे नीतिश कुमार अब नई राजनीतिक पारी की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर गुरुवार को एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने बिहार विधानसभा में नामांकन दाखिल किया, जिनमें खुद नीतीश कुमार भी शामिल रहे। नामांकन के दौरान राजनीतिक गलियारों में हलचल साफ दिखाई दी। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। उनके साथ भाजपा और जदयू के कई वरिष्ठ नेता भी विधानसभा पहुंचे और सभी उम्मीदवारों ने संयुक्त रूप से नामांकन पत्र दाखिल किया।

बिहार की राजनीति में इसे एक युगांतकारी मोड़
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी नेता विधानसभा से बाहर निकल गए। इसके बाद अमित शाह भाजपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक के लिए स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां बिहार की आगामी राजनीतिक रणनीति पर मंथन होने की संभावना जताई जा रही है। इधर बिहार की राजनीति में इसे एक युगांतकारी मोड़ माना जा रहा है। लगभग 21 वर्षों तक राज्य की सत्ता का नेतृत्व करने वाले नीतीश कुमार अब सक्रिय कार्यपालिका से हटकर संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राज्यसभा जाने का ऐलान कर इस बदलाव पर आधिकारिक मुहर लगा दी है।

विपक्ष ने कहा- भाजपा ने खत्म कर दिया जदयू
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने कहा कि उन्हें यह पहले से ही मालूम था। तेजस्वी यादव ने कहा, “हमने 28 जनवरी 2024 को ही कह दिया था कि जदयू धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। भाजपा 400 सीटों का दावा कर रही थी, लेकिन वैसा नतीजा नहीं आया, इसलिए इस पूरे घटनाक्रम में लगभग एक साल की देरी हो गई। वरना भाजपा पहले ही जदयू को खत्म कर देती।” अब सवाल यह है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार की सत्ता की कमान किसके हाथ में आएगी और एनडीए की अगली राजनीतिक चाल क्या होगी। बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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