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मांदल की थाप पर थिरक उठे मंत्री विजयवर्गीय के कदम बोले- भगोरिया उत्सव हमारी समृद्ध परंपरा की जीवंत धड़कन

इंदौर/आलीराजपुर। फाल्गुन की बयार, मांदल की गूंज और रंगों की उड़ती फुहारों के बीच सोमवार को आलीराजपुर में भगोरिया पर्व पूरे उल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। इस सांस्कृतिक महापर्व में मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय जी ने सहभागिता कर स्वजनों को होली की शुभकामनाएं दीं।

पारंपरिक जीवन मूल्यों का उत्सव
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भगोरिया पर्व जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक जीवन मूल्यों का उत्सव है। इसकी आत्मा को समझने के लिए इसे प्रत्यक्ष रूप से देखना और अनुभव करना आवश्यक है। यह आयोजन सामाजिक समरसता, आपसी विश्वास और सांस्कृतिक आत्म गौरव को मजबूत करता है। आलीराजपुर की इस धरती पर आकर मेरा हृदय गर्व से भर गया है।

सरकार संवर्धन के लिए कार्य कर रही
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। विरासत को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इसी भावना के साथ प्रदेशभर में भगोरिया पर्व को भव्य स्वरूप दिया गया है।

ढोल-मांदल की थाप पर थिरके कदम
आलीराजपुर में जनजातीय समाज और स्थानीय नागरिकों ने मंत्री विजयवर्गीय का पारंपरिक रीति-रिवाजों से आत्मीय स्वागत किया। जैसे ही ढोल और मांदल की थाप गूंजी, उत्सव का रंग और गहरा हो गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे स्थानीय नागरिक और रंगों से सराबोर वातावरण के बीच मंत्री श्री विजयवर्गीय भी उत्साह में शामिल हुए। मांदल की थाप पर उनके कदम थिरक उठे, जिससे उपस्थित जनसमुदाय का उत्साह और बढ़ गया।

सोशल मीडिया पर साझा की भावनाएं
मंत्री  विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया के जरिए इस अनुभव को साझा किया। उन्होंने लिखा, जनजातीय संस्कृति की बहुरंगी आभा में रचा-बसा भगोरिया उत्सव हमारी समृद्ध परंपरा की जीवंत धड़कन है। यह पर्व रिश्तों की गर्माहट और उल्लास की उज्ज्वल अभिव्यक्ति है। आलीराजपुर की पावन धरा पर आयोजित भगोरिया उत्सव में सहभागिता कर हृदय भावविभोर हो उठा।

हजारों नागरिकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति
कार्यक्रम में मंत्री नागर सिंह चौहान जी, सांसद श्रीमती अनीता चौहान जी, भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष परवाल, प्रदेश मंत्री जयदीप पटेल जी सहित हजारों की संख्या में जनजातीय परिवार, स्थानीय नागरिक और समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस सांस्कृतिक पर्व को उल्लासपूर्वक मनाया।

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