मां नर्मदा अपने भक्तों को अपने व्यवसाय में भी प्रभावित करती है। भक्त अपने व्यवसाय के साथ मां की भक्ति में लीन रहते है। जहां भी वह भगवान के नाम लेना ही पंसद करते है। ऐसे ही नर्मदा भक्त है भगतजी जिन्होने अपने व्यवसाय के नाम में भी राम का नाम जोड़ रखा है। इससे कलयुग में भी भक्त दिन में कई बार राम नाम का उच्चारण करते रहते है।
राजेन्द्र नगर चौपाटी पर स्थित है दुकान
भंडारे में भोजन करने का अवसर अक्सर लोगों को कई बार भंडारे में मिलता है। कई बार भंडारे का भोजन करने की इच्छा होती है। लेकिन हमेशा भंडारें का प्रसाद नहीं मिलता है। इसको लेकर नर्मदा भक्त ने इंदौर शहर के राजेन्द्र नगर ब्रिज के नीचे स्थित चौपाटी पर रामभाजी नाम से एक रेस्टोरेन्ट शुरू किया गया है। जहां भंडारे थाली मिलती है जिसमें रामभाजी की सब्जी और नुक्ती भजिए और पुड़ी मिलती है। यह भंडारे की थाली मन को अद्भूत सकून देती है। जहां आज के समय में लोग चाइनिज खा कर अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते है ऐसे में लोगों को भंडारे की थाली का सकून देने का प्रयास भगत जी ने किया है।
दाल-पानिए की भी शुरूआत
यहां रेस्टोरेन्ट में एक नया टेस्ट और जोड़ा गया है। जिसमें दालपानिए भी मिलते है। दालपानिए पत्तों के ऊपर सेंकी जाने वाली मक्के के आटे की बाटी है जो अत्यंत स्वादिष्ट लगती है। जिसे खाकर लोगों को नर्मदा के तट का स्वाद मिलता है।
रामभाजी की थाली मात्र 100 रुपए में
यहां राजेन्द्र नगर ब्रिज के नीचे और 60 फीट रोड पर रामभाजी को जो थाली उपलब्ध कराई जा रही है। उसका मुल्य मात्र 100 रुपए रखा गया है। यहां की व्यवस्था संभाल रहे भारत जी और पवन जी का कहना है कि हमारे द्वारा गर्मागर्म भंडारे की थाली तैयार की जाती है। यहां ग्राहको को रामभाजी बहुत ही पसंद आती है। क्योकि हर समय भंडारे नहीं होते है। घर पर भंडारे की थाली बनाना संभव नहीं होता है इसलिए य़हां पर ग्राहक आते है। यह भंडारे की थाली खाकर उन्हें आत्मसंतुष्ट भी प्राप्त होती है।
यदि आप भी मंगाने चाहते है भंडारे की थाली तो इस नंबर पर संपर्क कर सकते है। रामभाजी रेस्टोरेन्ट 9131030827


