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नर्मदा साहित्य मंथन- भारत अभी नहीं जागा तो हालात बांग्लादेश जैसे, सुरक्षा विशेषज्ञ ने किया आगाह

इंदौर। भारत की ताकत विश्व में बढ़ रही है, जिसके कारण कई देश भारत को गिराने में लगे हुए है। भारत के समक्ष सीमा पर कई चुनौतियां है, लेकिन आंतरिक चुनौतियां भी कम नहीं है। भारत में भीतर तेजी से छोटे-छोटे पाकिस्तान बन रहे है जो बेहद खतरनाक है। हमारे 200 जिलों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गया है। भौगोलिक स्थिति लगातार चिंताजनक बन रही है। इस पर तत्काल कदम नहीं उठाये गये तो परिणाम गंभीर होंगे। यह भारत के लोगों को आज भी यदि शत्रु बोध नहीं हुआ तो वह दिन दूर नहीं जब भारत में भी बांग्लादेश जैसे हालात हो जाएंगे।

यह बात जम्मू कश्मीर के पूर्व डीजीपी शेषपाल वेद ने कही। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के मुख्य सभागृह में नर्मदा साहित्य मंथन को सम्बोधित कर रहे थे। ’आंतरिक चुनौतियां और समाधान’विषय पर बोलते हुए पूर्व डीजीपी वेद ने कहा कि एक समय विश्व पर राज करने वाले अंग्रेजों के देश यूके की हालत आज खराब है।
आंतकवाद ने आंतरिक सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया
इस्लामिक आंतकवाद ने वहां की आंतरिक सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है। भारत जल्द ही नहीं जागा तो हालात खराब हो जाएंगे। भारत के कई हिस्सों में भौगोलिक स्थितियां तेजी से बदल रही है, जो आने वाले 20 सालों में लगभग पूरी तरह बदल जाएगी। इसके लिये सरकार के साथ ही सभी को सचेत होना होगा। बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल भी भारत को अस्थिर करने की लगे हुए है। सीमा पर केंद्र सरकार बहुत ही अच्छा काम कर रही है। पुलिस, सेना और सभी सुरक्षा एजेंसिया पूरी ईमानदारी से देश की सुरक्षा में लगी है, लेकिन आंतरिक सुरक्षा पर  सभी को काम करने की जरूरत है।

भारत के अंदर नैरेटिव वार हो रहा
श्री वेद ने कहा, भारत में जितने आंतक हमले सीमा पर हो रहे है, उससे कई ज्यादा भारत के अंदर नैरेटिव वार हो रहा है। नैरेटिव वार से सरकार भी निपट रही है, लेकिन अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद तेजी से बहुत कुछ बदलाव हो रहा है और हालातों में सुधार है। भारत में आज आतंकवाद के कई माड्यूल चल रहे है। उच्च शिक्षित लोग भी नैरेटिव वार में लगे हुए है। यहां तक शिक्षित लोग फिदायनी हमले करने को तैयार हो रहे है, जिन्हें पाकिस्तान से पैसा और अन्य सहायता मिल रही है। वास्तव में देखा जाए यूरोप में कट्टरपंथी ताकतें बढ़ रही है और भारत को प्रयोगशाला बनाया जा रहा है।

आंतक के कई माड्यूल पूरे देश में काम कर रहे
श्री वेद ने चेताया कि आंतक के कई माड्यूल पूरे देश में काम कर रहे है, जिसने भी सख्ती से निपटना होगा वरना भविष्य में गंभीर परिणाम होंगे। आपने कहा कि मदरसा और आनलाइन रेडिकेलाइजेशन का खतरा बहुत बड़ा हो चुका है। राज्य और केंद्र सरकार को ऑनलाइन  विजिलेंस पर ध्यान देना चाहिये।

कम्यूनिस्टों के साथ ही इस्लामिक विरोधी ताकतें
‘आंतरिक चुनौतियां और समाधान’ विषय पर बोलते हुए केरल के पूर्व डीजीपी श्री जैकब थॉमस ने भी नैरेटिव वार से सजग रहने की बात कही। श्री थॉमस ने कहा कि केरल में हालात गंभीर है। केरल में कम्यूनिस्टों के साथ ही इस्लामिक विरोधी ताकतें भी सक्रिय है, जो भारत और हिंदूओं के विरोध में काम कर रही है। कम्यूनिस्टों और इस्लामिक ताकतों के बीच गठबंधन हो गया है, जो खतरनाक है। समय रहते ठोस कदम उठाने की जरूरत है। कई इस्लामिक आतंवादी संगठन केरल में भी सक्रिय हो गये है।

सनातनी संस्कृति को ही बदलकर ऱखा
यहां सनातनी संस्कृति को ही बदलकर रख दिया गया है। आज यह स्थिति है कि केरल की सनातनी संस्कृति के साथ ही खान-पान, रहन-सहन तक बदल दिया गया है। यहां की सरकार की हिन्दू विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में सबसे ज्यादा सक्रिय है। कई सामाजिक संगठन भी हिन्दू विरोधी गतिविधियों को सहायता करते है। सरकार के साथ ही संगठन पैसों की मदद भी करते है, जिससे हालात खराब होते जा रहे है।

कतर जैसे देशों के लिये केरल एक गेट
नैरेटिव वार यहां भी चल रहा है, जिसे समझने की जरूरत है। सरकार के साथ ही अन्यान्य संगठन भारत विरोधी नैरेटिव चलाने के लिये ही काम कर रहे है। कतर जैसे देशों के लिये केरल एक गेट है, जिससे भारत में प्रवेश किया जा सकता है। श्रीलंका भी इसका फायदा उठा रहा है। आपने कहा कि भारत को जल्द ही ठोस कदम उठाने की जरूरत है। यदि सख्ती नहीं की गई तो हालात हाथ से निकट जाएंगे। आपने कहा कि केरल को बढ़ा खतरा बांग्लादेश से आने वाले लोगों से भी है। बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या केरल में लगातार बढ़ रही है। केरल के कट्टरपंथी इसे इस्लामिक राज्य बनाना चाहते है।

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