इंदौर(विनोद गोयल)। भारद्वाज ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान के संस्थापक, सुप्रसिद्ध ज्योतिर्विद पं. नानूराम शर्मा ‘ज्योतिर्विद’ की जन्मशती के उपलक्ष्य में सम्मान समारोह का आयोजन संस्थान के मुख्यालय पर किया गया। इस अवसर पर महानिर्वाणी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती का शाल-श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सारस्वत सम्मान किया गया।
समारोह में म.प्र. ज्योतिष एवं विद्वत परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक एवं शोध संस्थान प्रमुख आचार्य पं. नंदकिशोर शर्मा ज्योतिर्विद ने आचार्य महामंडलेश्वर का सम्मान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्याधाम के आचार्य प्रशांत अग्निहोत्री रहे।
20वीं सदी के महान ज्योतिषी थे पं. नानूराम शर्मा
सम्मान के प्रत्युत्तर में महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती ने कहा कि पं. नानूराम शर्मा 20वीं सदी के महान ज्योतिषाचार्य थे। उन्हें ज्योतिष शास्त्र का गहन और वैज्ञानिक ज्ञान था। उनकी भविष्यवाणियां समय-समय पर अक्षरशः सत्य सिद्ध हुईं, जिससे वे ज्योतिष जगत के सूर्य के समान थे।
उन्होंने कहा कि पं. शर्मा कुंडली परीक्षण में गोपनीयता और नैतिकता को सर्वोपरि मानते थे। उनकी गणनाएं सटीक, दृष्टिकोण स्पष्ट और मार्गदर्शन समाज के लिए अत्यंत उपयोगी रही।
कार्यक्रम में पं. पवन शर्मा, समाजसेवी विनोद सिंघल, अभिषेक दाधीच, हितेश शास्त्री सहित अनेक विद्वान, ज्योतिषाचार्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पं. सोमेंद्र शर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन आशुतोष ठक्कर द्वारा किया गया।


