Devasthan (temple)

बसंत पंचमी पर तुलसी नगर के माँ सरस्वती मंदिर में विशेष श्रृंगार के साथ अनुष्ठान

इंदौर(विनोद गोयल) ज्ञान, विद्या और विवेक की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के पावन पर्व बसंत पंचमी के अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी तुलसी नगर स्थित भव्य माँ सरस्वती मंदिर में श्रद्धा, आस्था और वैदिक परंपरा के साथ विशेष आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की संभावित भारी उपस्थिति को देखते हुए आयोजन समिति द्वारा व्यापक और भव्य तैयारियाँ की गई हैं। मंदिर परिसर का नवीन रंग-रोगन, आकर्षक सज्जा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हैं।
23 जनवरी, शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में माँ शारदे का विशेष श्रृंगार, अभिषेक एवं विधिवत पूजन वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ संपन्न होगा। इसके पश्चात सरस्वती महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु परिवार, समाज, नगर एवं राष्ट्र के कल्याण की कामना के साथ वैदिक आहुतियाँ अर्पित करेंगे। इस अवसर पर माँ सरस्वती को छप्पन भोग भी अर्पित किया जाएगा।

विद्यारंभ संस्कार का विशेष आयोजन
बसंत पंचमी के पावन दिन मंदिर परिसर में छोटे बच्चों का विद्यारम्भ संस्कार भी पंडितों द्वारा शुभ मुहूर्त में संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर अभिभावकों की विशेष सहभागिता रहेगी, जिससे बच्चों के जीवन में ज्ञान, संस्कार और सद्बुद्धि का शुभारंभ हो सके।

आस्था और ऊर्जा का प्रमुख केंद्र
पिपलिया कुमार–निपानिया क्षेत्र के प्राकृतिक, शांत एवं सुरम्य वातावरण में स्थित तुलसी नगर का यह नवश्रृंगारित माँ सरस्वती मंदिर, मध्यप्रदेश के सबसे विशाल और भव्य सरस्वती मंदिरों में से एक माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में यह मंदिर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही अद्भुत ऊर्जा, दिव्य शांति और सकारात्मक चेतना का अनुभव होता है। पंडितों एवं विद्वानों के अनुसार यह पावन भूमि दैवीय शक्ति एवं आध्यात्मिक तेज से परिपूर्ण है, जिसकी अनुभूति प्रत्येक दर्शनार्थी को होती है।

आध्यात्मिक विरासत
माँ सरस्वती मंदिर का निर्माण 13 अप्रैल 1994 को हुआ था। माँ शारदे की प्राण-प्रतिष्ठा हरिद्वार से पधारे प्रकांड विद्वान पंडितों द्वारा पूर्ण वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराई गई थी। तभी से यह स्थान ज्ञान, विद्या, विवेक एवं सद्बुद्धि की साधना का पवित्र केंद्र बना हुआ है। वर्ष भर इंदौर नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएँ एवं श्रद्धालु यहाँ माँ शारदे के चरणों में शीश नवाकर ज्ञान, सफलता और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। विशेषकर स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों में इस मंदिर के प्रति अपार श्रद्धा देखी जाती है।

सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र
तुलसी नगर स्थित माँ सरस्वती मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि संपूर्ण क्षेत्र का धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का केंद्र है। मंदिर परिसर में श्री राम मंदिर, शनि मंदिर एवं चंद्रमोलेश्वर महादेव मंदिर भी स्थित हैं। यहाँ वर्ष भर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक चेतना न केवल विद्यार्थियों, बल्कि पूरे समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रही है। बसंत पंचमी पर होने वाले यह भव्य आयोजन इस दिव्य परंपरा को और अधिक गौरव और गरिमा प्रदान करेंगे।

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