इंदौर(विनोद गोयल) । संसार के भौतिक संसाधनों की आपाधापी में मनुष्य भटक रहा है। परिवार बिखर रहे हैं, रिश्तों में दरारें आ रही हैं। इसका मुख्य कारण यही है कि
इंदौर(विनोद गोयल) । भागवत और भगवान का नाम सदैव अमर है। जीने की कला रामायण और मरने की कला भागवत सिखाती है। भागवत हम हजारों वर्षों से सुनते आ रहे
इंदौर,(विनोद गोयल) अंग्रेजी नए वर्ष के अवसर पर पड़ोसी देश नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में इंदौर के विमानतल मार्ग स्थित श्री श्री विद्याधाम के महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की
(विनोद गोयल इंदौर) - स्वयं भगवान के श्रीमुख से जिस ग्रंथ की रचना हुई हो, वह कालजयी ग्रंथ ही होता है। भारत भूमि ही वह स्थान है जहां इतनी बड़ी
इंदौर में लगभग 350 वर्ष प्राचीन, लोहारपट्टी स्थित श्रीजी कल्याण धाम, खाड़ी के मंदिर पर भगवान श्रीजी, कल्याणजी एवं संकट हरण वीर हनुमानजी को समर्पित संगीतमय श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ






