social organization नर्मदा साहित्य मंथन- भारतीयों को वैचारिक बंटवारे को समझना होगा। भारत उदय के द्वितीय सत्र में स्तंभकार और लेखक अनुपम मिश्र ने ’दृष्टि ही दृष्टांतः गाजा से कश्मीर’ विषय पर संवाद किया। मिश्र ने कहा, आज के दौर में नेरेटिव Bharti joshi1 month agoKeep Reading