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Eternal Hinduism

नई पौध को शिक्षा के साथ संस्कारों की भी जरूरत, जो भागवत, रामायण और गीता जैसे दिव्य ग्रन्थों से ही मिलेगी : पं. शास्त्री

इंदौर(विनोद गोयल) । संसार के भौतिक संसाधनों की आपाधापी में मनुष्य भटक रहा है। परिवार बिखर रहे हैं, रिश्तों में दरारें आ रही हैं। इसका मुख्य कारण यही है कि
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भगवान की लीलाओं के दर्शन और श्रवण से मन में होगा पवित्र संकल्पों का सृजन – स्वामी प्रणवानंद सरस्वती

इंदौर(विनोद गोयल)    हमारे धर्मग्रंथ सुषुप्त समाज को जागृत एवं चैतन्य बनाते हैं। मनुष्य का जीवन हमें केवल पशुओं की तरह व्यवहार करने के लिए नहीं, बल्कि सदभाव, परमार्थ और