इंदौर(विनोद गोयल)। शहर के बहुप्रतीक्षित और चर्चित आयोजनों में शामिल बजरबट्टू सम्मेलन को लेकर इस बार एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आयोजकों ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि इस वर्ष बजरबट्टू सम्मेलन का आयोजन नहीं किया जाएगा। इस घोषणा के बाद सम्मेलन से जुड़े लोगों और समर्थकों में मायूसी का माहौल देखा जा रहा है। हर साल उत्साह और धूमधाम के साथ आयोजित होने वाला यह सम्मेलन शहर की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का खास हिस्सा माना जाता रहा है।
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नहीं दी सहमति
रंगपंचमी की पूर्व संध्या पर होने वाला पारंपरिक महा बजरबट्टू सम्मेलन इस वर्ष अचानक निरस्त कर दिया गया है। आयोजन समिति अंतिम समय तक इस प्रतिष्ठित आयोजन को कराने के लिए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सहमति लेने का प्रयास करती रही, लेकिन मंत्री विजयवर्गीय की असहमति के चलते कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। ऐसे में आयोजन समिति को महज दो दिन पहले ही यह फैसला लेना पड़ा।
शहर की शान रहा है आयोजन
देवी अहिल्या की नगरी इंदौर में पिछले 27 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा महा बजरबट्टू सम्मेलन इस बार अंतिम दौर की तैयारियों के बीच ही निरस्त कर दिया गया। यह आयोजन हर साल रंगपंचमी की पूर्व संध्या पर आयोजित किया जाता है, जिसमें शहर के साथ-साथ बाहर से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होते रहे हैं।
सम्मेलन के निरस्त होने की जानकारी देते हुए आयोजन समिति के सर्वेसर्वा अशोक चौहान ‘चाँदू’ और आयोजक अजय लाहोटी ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। शहर में व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा चुका था और कई कवियों को भी आमंत्रण भेजे जा चुके थे। लेकिन कार्यक्रम के उत्सव मूर्ति कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को आयोजन के लिए राजी नहीं किया जा सका, जिसके चलते समिति को यह निर्णय लेना पड़ा।
मेट्रों,भागीरथपुरा त्रासदी हो सकती है कारण
कुछ विशेष परिस्थितियों और अन्य कारणों के चलते इस बार सम्मेलन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सम्मेलन को फिर से पहले की तरह भव्य रूप में आयोजित करने की योजना बनाई जाएगी। मंत्री के सहमति ना देने के पीछे यह भी कारण हो सकता है कि जहां पर बजरबट्टु सम्मेलन होता है वहां पर मेट्रो का कार्य शुरू होने से यहां के रहवासियों में आक्रोश है इसके साथ ही भागीरथपुरा में हुई जल त्रासदी के बाद से ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आयोजन में शामिल नहीं हो कर उन परिवारों को यह अहसास कराना चाह रहे है कि वह भी इस घटना से अत्यधिक विचलित हुए है। परिवार में जब गमी हो जाए तो परिवार जन आयोजन में शामिल नहीं होते।
शहरवासियों में निराशा
बजरबट्टू सम्मेलन अपने अनोखे अंदाज, हास्य-व्यंग्य और सामाजिक संदेशों के लिए जाना जाता है। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन का इंतजार करते हैं। इस बार सम्मेलन नहीं होने की खबर से जहां आयोजन से जुड़े लोग निराश हैं, वहीं कई लोगों को उम्मीद है कि अगले साल यह सम्मेलन और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।


