Eternal Hinduism

एकादशी–मकर संक्रांति के दुर्लभ योग पर भागीरथपुरा त्रासदी के मृतकों को दी श्रद्धांजलि

इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पेयजल के कारण हुई हृदयविदारक त्रासदी में असामयिक रूप से दिवंगत नागरिकों की स्मृति में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पित्रेश्वर पितृ पर्वत पर विशेष आध्यात्मिक आयोजन सम्पन्न हुआ।
आयोजन धर्म समाज संस्था के तत्वावधान में वरिष्ठ आध्यात्मिक गुरु कृष्णा गुरुजी के मार्गदर्शन में किया गया।

दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए किया पौधारोपण
एकादशी और मकर संक्रांति के दुर्लभ योग पर दिवंगत आत्माओं की शांति एवं पितृ तृप्ति की कामना के साथ मृतकों के नाम से पौधारोपण किया गया तथा एकादशी ध्वजा का रोहण/परिवर्तन किया गया। इस अवसर पर अस्पताल में भर्ती नागरिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी प्रार्थना की गई।

पित्रेश्वर का शिखर मोक्ष कारक
कृष्णा गुरुजी ने बताया कि पित्रेश्वर पितृ पर्वत का शिखर केतु ग्रह का प्रतीक माना जाता है, जिसे मोक्ष का कारक कहा गया है। यह स्थल पितृ स्मरण, सेवा और सत्कर्म के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। विगत वर्षों से यहाँ पितरों के नाम से पौधारोपण की परंपरा चली आ रही है, जो पर्यावरण संरक्षण और मानवीय संवेदना का संदेश देती है।

ये बने आयोजन के साक्षी
कार्यक्रम में कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अनिल कुमार, नितेश पटेल, पिंकू यादव, भारती मंडलोई, पित्रेश्वर के महेश दलोदरा, राजेंद्र गुप्ता सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए समाज के रूप में एकजुट रहने का संदेश दिया

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