Devasthan (temple)

विद्याधाम की यज्ञशाला गूंजी ललिताम्बा महायज्ञ में स्वाहाकार की मंगल ध्वनि से प्रकाशोत्सव में बसंतोत्सव पर दी

इंदौरी(विनोद गोयल)। विमानतल मार्ग स्थित श्री श्रीविद्याधाम पर मंदिर के 31वें प्रकाशोत्सव के तहत शुक्रवार को यज्ञ शाला में चल रहे ललिताम्बा महायज्ञ में महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सानिध्य एवं आचार्य पं. राजेश शर्मा के निर्देशन में विशेष आहुतियाँ समर्पित की गई। आश्रम के 31 विद्वानों ने महायज्ञ में ललिता सहस्त्र नामावली से अब तक 51 हजार आहुतियां समर्पित की है।

मां को प्रिय व्यंजनों की आहुतियां समर्पित
आश्रम परिवार के सुरेश शाहरा, पं. दिनेश शर्मा एवं राजेंद्र महाजन ने बताया कि ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर एवं आश्रम के संस्थापक स्वामी गिरिजानंद सरस्वती ‘भगवन’  की प्रेरणा से भगवती के एक हजार नामों से ललिताम्बा महायज्ञ में प्रतिदिन सग्रहमख आहुतियां समर्पित की जा रही है। शुक्रवार को महायज्ञ में मां को खीरान, मालपुए, हलवा, त्रिमधु, गन्ने, पान, कमलगट्टा एवं पंचमेवा सहित मां को प्रिय व्यंजनों की आहुतियां समर्पित की गई। यजमान के रूप में राजेंद्र महाजन, गोपाल महाजन, विनोद सिंघल, विजय सोनी, अनिल सोनी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंड में विद्वान आचार्यों के निर्देशन में आहुतियाँ डाली। प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में आज भी मां ललिता त्रिपुर सुंदरी का सरस्वती के रूप में नयनाभिराम श्रृंगार किया गया। उनके सामने फूलों से गणेशजी की मनोहारी आकृति बनाई गई। सैकड़ों भक्तों ने मां के इस स्वरूप के दर्शन किए। भगवती के नित्य नूतन और मनोहारी श्रृंगार का जिम्मा आचार्य पं. लोकेश शर्मा और उनके साथी निभा रहे हैं।

सरस्वती का विशेष श्रृंगार एवं पूजन
आश्रम परिवार के रमेशचंद्र राठौर, रमेश पसारी एवं संजय पंडित ने बताया कि बसंतोत्सव के उपलक्ष्य में आश्रम स्थित सरस्वती मंदिर में भगवती का दूध, गुलाबजल, नर्मदा एवं गंगाजल सहित देश की पवित्र नदियों से महाभिषेक सुबह 7 बजे से किया गया। महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने इस अवसर पर कहा कि ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं परिक्रमा करने से समाज एवं राष्ट्र में सुख, शांति एवं सदभाव का पर्यावरण बनता है। बसंत पंचमी पर भगवती का विशेष पूजन और श्रृंगार किया गया। मंदिर पर दिनभर भक्तों का मेला जुटा रहा।

नित्य पूजन कार्यक्रम
मंदिर पर प्रतिदिन सुबह 6 बजे वैदिक संध्या वेदपाठ, 7:30 बजे षोडशोपचार पूजन, 9 बजे श्रृंगार आरती, दोपहर 2.30 बजे दुर्गा सप्तशती पाठ, शाम 6 बजे ललिता सहस्त्र नामावली से लक्षार्चन आराधना के अनुष्ठान 27 जनवरी तक होंगे। संध्या को 8 बजे विद्वानों द्वारा की जा रही 108 दीपों से महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।

माँ निकलेगी अपने भक्तों को दर्शन देने
शनिवार को शाम 5 बजे आश्रम परिसर से माँ अपने भक्तों को दर्शन देने शहर भ्रमण पर निकलेगी। एक सुसज्जित रथ में विराजित होकर माँ भगवती कालानी नगर चौराहा, सुखदेव नगर, साठ फीट रोड, कान्यकुब्ज नगर, एयरपोर्ट रोड होते हुए पुनः आश्रम पहुंचेगी, जहाँ माँ को 56 भोग समर्पित किए जाएँगे। शोभा यात्रा की जोरदार तैयारियां की गई है।

माँ का नयनाभिराम नौका विहार
रविवार 25 जनवरी को सुबह 9.30 बजे से पूज्य ‘भगवन’ के श्रीविग्रह एवं पादुका पूजन अभिषेक एवं आरती तथा शाम 6 बजे नर्मदा जयंती के उपलक्ष्य में नर्मदा के पवित्र जल में माँ का नयनाभिराम नौका विहार होगा। नौका विहार की जीवंत झांकी भी श्रृंगारित की जाएगी। महाअष्टमी सोमवार 26 जनवरी को शाम 6 बजे से माँ का भव्य पुष्प बंगला श्रृंगारित होगा जिसमें विराजित होकर माँ के दिव्य दर्शन होंगे। मंगलवार 27 जनवरी को शाम 6 बजे से दीपोत्सव एवं छप्पन भोग दर्शन का दिव्य आयोजन होगा। महोत्सव की तैयारियां पूरी हो गई हैं। सग्रहमख ललिताम्बा महायज्ञ आश्रम की यज्ञ शाला में प्रतिदिन प्रातः 9.30 बजे से हो रहा है।

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