Eternal Hinduism

काठमांडू में पशुपतिनाथ के परिसर में भागवत कथा का श्रवण करेंगे श्रद्धालु

इंदौर(विनोद गोयल)  शहर एवं मालवांचल के करीब 250 श्रद्धालु इस बार अंग्रेजी नए वर्ष के अवसर पर पड़ोसी देश नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में भागवत कथा का श्रवण करेंगे। विमानतल मार्ग स्थित श्री श्री विद्याधाम के महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की प्रेरणा से भागवताचार्य पं. राहुल कृष्ण शास्त्री 4 जनवरी से 12 जनवरी तक काठमांडू में भगवान पशुपतिनाथ के सानिध्य में भागवत कथा का रसपान कराएँगे।

कई तीर्थस्थलों पर की है भागवत कथा
इसके पूर्व वे भागवत, रामकथा एवं शिव पुराण सहित 100 से ज्यादा अनुष्ठान नेमिषारण्य, द्वारका, जगन्नाथपुरी, रामेश्वरम, बद्रीनाथ, वृंदावन एवं अयोध्या सहित ओंकारेश्वर जैसे तीर्थस्थलों पर देश विदेश के भक्तों को ले जाकर संपन्न करा चुके हैं। शुक्रवार को सभी यात्री रेल, विमान एवं अन्य मार्गों से काठमांडू के लिए प्रस्थित हुए।

श्री श्री विद्याधाम से 31 विद्वान ब्राह्मण भी होगे शामिल

मंडल के प्रमुख पं. दिनेश शर्मा ने बताया कि इस बार देश विदेश के 250 श्रद्धालु नेपाल में कथा सुनेंगे। ये सभी लोग 1 जनवरी को नए वर्ष में इंदौर से उज्जैन, उज्जैन से गोरखपुर होते हुए भैरवा बॉर्डर से सड़क मार्ग से पोखरा और पोखरा से काठमांडू पहुंचेंगे। इनमें से करीब 100 श्रद्धालु हवाई मार्ग से और शेष बस एवं रेल मार्ग से अपनी मंजिल तय करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार काठमांडू में भागवत कथा का श्रीगणेश 4 जनवरी से होगा जो 10 जनवरी तक जारी रहेगा। भागवत कथा के साथ प्रतिदिन सौभाग्यवती कन्या पूजन, पार्थिव शिवलिंग पूजन, रुद्राभिषेक, अर्चन एवं भागवतजी का मूल परायण भी होगा। इसके लिए विमानतल मार्ग स्थित श्री श्री विद्याधाम से 31 विद्वान ब्राह्मण भी काठमांडू पहुंचेंगे। विद्याधाम के संस्थापक महामंडलेश्वर ब्रह्मलीन स्वामी गिरिजानंद सरस्वती “भगवन” के आशीर्वाद से यह दिव्य आयोजन होने जा रहा है। इस दौरान भक्तों के लिए भोजन, प्रसाद आदि की सभी व्यवस्थाएं इंदौर के सेवक ही संभालेंगे।

हिंसा के कारण आगे बढ़ा दी गई थी तारिख
इसके पूर्व यह अनुष्ठान गत 11 से 18 सितम्बर तक काठमांडू में प्रस्तावित था, लेकिन 10 सितम्बर को ही काठमांडू में हिंसक घटनाएं होने के कारण अनेक श्रद्धालुओं को या तो बीच रास्ते से लौटना पड़ा या जो वहां पहुंच चुके थे, उन्हें दो-तीन दिनों तक वहीं होटलों में कैद होकर रहना पड़ा था। कथा के सूत्रधार पं. दिनेश शर्मा भी उस दौरान कथा की तैयारियों के लिए दो दिन पहले काठमांडू पहुंच गए थे, लेकिन तभी हिंसक घटनाएं हो गई और उन्हें भी होटल में कैद रहना पड़ा। अंततः सरकार के सहयोग से वे और उनके साथी सकुशल हिन्दुस्तान लौट आए थे। अब वहां की स्थिति सामान्य होने के बाद एक बार फिर से उक्त आयोजन होने जा रहा है।

Shares:
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *