NEWS

सपनों की उड़ान को पहचानो”: अनुपम खेर ने फिल्म फेस्टिवल में छात्रों को दिया जीवन बदलने वाला मंत्र

*“सपनों की उड़ान को पहचानो”: अनुपम खेर ने  फिल्म फेस्टिवल में छात्रों को दिया जीवन बदलने वाला मंत्र*

इंदौर।“सपनों की कोई सीमा नहीं होती और उनका कोई निश्चित समय नहीं होता”—इसी प्रेरणादायी संदेश के साथ पद्मभूषण अनुपम खेर ने आज प्रेस्टीज इंदौर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में छात्रों के साथ एक जीवंत संवाद किया।

अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अद्वितीय है, इसलिए अपनी मौलिकता को बनाए रखना ही असली सफलता की कुंजी है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि वर्तमान में परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं हैं, तो वही संघर्ष भविष्य में आपकी सबसे प्रेरणादायक कहानी बन सकता है।

अवसरों की महत्ता पर जोर देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा,

“जीवन हर व्यक्ति को एक अवसर जरूर देता है, लेकिन उसे पहचानना और सही समय पर उसका उपयोग करना हमारे ऊपर निर्भर करता है।”

अपनी हालिया चर्चित फिल्म “तनवी: द ग्रेट” का उल्लेख करते हुए अनुपम खेर ने बताया कि इस कहानी को साकार करने में उन्होंने चार वर्षों का समर्पण दिया।

प्रेस्टीज इंदौर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की सराहना करते हुए उन्होंने एक प्रभावशाली बात कही,

“यदि बड़े कलाकार छोटे मंचों पर नहीं आएंगे, तो वे मंच बड़े कैसे बनेंगे।”

इस अवसर पर लेखक अंकुर सुमन ने कहा कि कहानियाँ मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं—सिंथेटिक और ऑर्गेनिक। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रभावी कहानी के लिए गहरा अवलोकन आवश्यक है, क्योंकि बिना गहराई के कोई भी कथा दर्शकों के दिल तक नहीं पहुँच सकती।

Shares: