Devasthan (temple)

मां बगुलामुखी मंदिर: एसडीएम ने पंडितों को कहा “हरामखोर” हवन अनुष्ठान बंद कर पंडितों ने दिया धरना, फिर गिरी गाज   

विश्वप्रसिद्ध मां बगुलामुखी मंदिर में संभवत इतिहास में पहली बार मंदिर परिसर में गुरूवार को ‘हवन’ नहीं हो सके। SDM पर मंदिर के पंडितों को ‘हरामखोर’ कहने के आरोप और जबरन नए-नए नियम थोपने के बाद पंडितों का ​आक्रोश फूट पड़ा, मंदिर में हवन बंद कर दिन भर धरना देकर विरोध जताया। इसके बाद आला अधिकारियों ने सख्त कदम उठाते हुए देर शाम एसडीएम को मंदिर प्रशासक के पद से हटा दिया
कई महिनों से किया जा रहा था प्रताड़ित
यहां पर हवन-पूजन करने वाले पंडितों का कहना है कि यहां मंदिर प्रशासक का कार्य संभाल रहे एसडीएम सर्वेश यादव द्वारा पिछले कई महिनों से लगातार यहां पर हवन-पूजन
कराने वाले पंडितों को परेशान किया जा रहा है।

मिर्ची हवन पर लगा दी गई है रोक
यहां पर बंगलामुखी मंदिर परिसर में स्थित यज्ञशाला में प्रशासक बनने के बाद
यहां पर मिर्ची हवन को भी बंद करा दिया गया है। मंदिर परिसर की यज्ञशाला में होने वाले सामान्य हवन में भी समय को लेकर पंडितों को परेशान किया जा रहा था। हद तो तब हो गई जब मंदिर परिसर में पंडितों के ऱखी पेटियों को भी हटवा दिया गया। एसडीएम द्वारा स्वयं को सीएम का रिश्तेदार बता कर नित-नए नियम लागू किए जा रहे थे। जो कि पंडितों को प्रताडित करने वाले थे।

पंडितों ने लगाए ‘मुर्दाबाद’ के नारे
मां बगुलामुखी मंदिर नलखेड़ा में पंडितों को एसडीएम द्वारा हरामखोर जैसे अभद्र शब्द कहने और तानाशाही तरीके से नए-नए नियम थोपने से आक्रोश फूट पड़ा। जब मंदिर के पुजारियों के स्वाभिमान पर बात आई, तो उन्होंने ‘हवन-पूजन’ बंद कर दिनभर धरना दिया। हवन स्थल पर मंत्रोच्चार की जगह मुर्दाबाद के नारे सुनाई दिए।
यज्ञशाला में दिनभर प्रदर्शन
इसके पहले दिनभर सैकड़ों पंडित मंदिर परिसर स्थित यज्ञ शाला में एकत्रित होकर प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने एसडीएम मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी इस दौरान मौजूद रहा। प्रदर्शन के दौरान मन्दिर पहुंचे एसडीएम सर्वेश यादव का घेराव कर जमकर नारेबाजी की गई। पंडितों ने प्रदर्शन के दौरान एसडीएम सुसनेर का पंडितों को अपशब्द कहने की एक कॉल रिकार्डिंग भी सुनाई। दावा किया की एसडीएम यादव द्वारा पंडितों के लिए आपत्तिजनक शब्द उपयोग किए हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद एडीएम आरपी वर्मा एवं एडिशनल एसपी रविन्द्र कुमार बोयट मंदिर पहुंचे।

प्रभार छीनने का आदेश देखने के बाद माने
पंडितों के तेवर और नाराजगी देखते हुए एसडीएम आरपी वर्मा ने मां बगलामुखी मंदिर समिति का समस्त प्रभार एसडीएम सर्वेश यादव से छिनकर डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को दिया। कलेक्टर के आदेश पर एसडीएम के हस्ताक्षर किया, पत्र पंडितों को दिखाया गया। एडीएम के उक्त आदेश के बाद आक्रोशित पंडित हवन पूजन का कार्य प्रारंभ करने पर सहमत हुए और मंदिर में हवन शुरू हुआ।

ब्राह्मण समाज का कड़ा रुख
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेशाध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि समाज अपने सम्मान के साथ समझौता नहीं करेगा और यदि ऐसे अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो वे प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि नलखेड़ा में एसडीएम सर्वेश यादव ने ब्राह्मणों को हरामखोर कह दिया। क्या ब्राह्मण हरामखोर होता है?समाज इस तरह की टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

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