दिल्ली। लोकसभा के सदन की कार्यवाही में हंगामा लगातार जारी रहा। सदन में दूसरे दिन भी कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल पर कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया और एक अप्रकाशित किताब का हवाला देने पर आपत्ति जताई। सदन में ‘यार’ शब्द के प्रयोग पर भी आपत्ति दर्ज की गई, जिससे माहौल और गरमा गया। इस दौरान सदन की गरिमा, नियमों और संसदीय भाषा को लेकर भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
3 बजे तक स्थगित रही कार्यवाही
लोकसभा में मंगलवार को भारी हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही को 3 बार स्थगित करना पड़ा। पहले सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के हंगामे के बाद प्रश्न काल पूरा नहीं हो पाया और सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दोपहर 12 बजे जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो फिर से हंगामा होने लगा और कार्यवाही को दोबारा 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 2 बजे जब सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई तो राहुल गांधी बोलने के लिए दोबारा खड़े हुए। लेकिन राहुल चीन का मु्द्दा उठाने पर अड़े रहे और सत्ता पर इस पर आपत्ति जताता रहा।
‘अप्रकाशित किताब’ का दिया हवाला
लोकसभा में हंगामे के कारण कार्यवाही को फिर से 3 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला बोला। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की ‘अप्रकाशित किताब’ से जुड़े एक मैगजीन आर्टिकल का हवाला दे रहे हैं। रिजिजू ने राहुल पर सदन की कार्यवाही को बाधित करने का आरोप लगाया।
आसन पर बैठे कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने जब राहुल गांधी को बोलने के लिए आमंत्रित किया, तो राहुल ने नेशनल सिक्योरिटी का हवाला देकर अपनी बात रखने की कोशिश की। राहुल ने कहा कि यह चीन और पाकिस्तान से साथ जुड़ा नेशनल सिक्योरिटी का विषय है। रिजिजू ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हम सुनने के लिए बैठे हैं, उस विषय को छोड़ना चाहिए। लेकिन राहुल गांधी अपनी मांग पर अड़े रहे।
कौन था वह सदस्य जिसने बोला ‘यार’?
इस दौरान किसी सदस्य ने चेयर को संबोधित करते हुए यार बोल दिया। इस पर चेयर पर बैठे कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि यह संसद है, यहां डेकोरम मेंटेन कीजिए। यार का क्या मतलब है। हंगामा बढ़ता गया और चेयर ने राहुल से कहा कि आप बोलना नहीं चाहते हैं।
मोदी को लेकर भी की टिप्पणी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “मोदी जी घबराए हुए हैं। पिछले कुछ महीनों से रुका हुआ (अमेरिका-भारत) व्यापार समझौता कल रात नरेंद्र मोदी ने कर दिया। उन पर बहुत दबाव है। नरेंद्र मोदी जी की छवि खराब हो सकती है। मुख्य बात यह है कि हमारे प्रधानमंत्री की छवि खराब हो गई है। जनता को इस बारे में सोचना चाहिए। पहली बार विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के भाषण पर बोलने की अनुमति नहीं दी गई। नरेंद्र मोदी ने इस व्यापार समझौते में आपकी मेहनत को बेच दिया है क्योंकि उनकी छवि खराब हो गई है।”
उन्होंने देश को बेच दिया है। नरेंद्र मोदी जी डरे हुए हैं क्योंकि जिन्होंने उनकी छवि बनाई, वही अब इस छवि को बिगाड़ रहे हैं… अमेरिका में अडानी जी पर एक मामला चल रहा है, असल में यह मामला मोदी जी पर ही है… एपस्टीन फाइल्स में और भी बहुत कुछ है जिसे अमेरिका ने अभी तक जारी नहीं किया है। इसकी वजह से भी दबाव है। ये दो मुख्य दबाव बिंदु हैं। देश को यह समझना चाहिए।”


