इंदौर(पंकज शर्मा)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष में मालवा प्रांत ने ऐसा इतिहास रच दिया है, जिसने संगठन की व्यापकता और समाज में उसकी जड़ों की मजबूती को नई पहचान दी है। इंदौर में आयोजित प्रांत संघचालकजी की प्रेस वार्ता में यह बताया गया कि संघ अब मालवा के 100% गांव-मोहल्लों और 90% घरों तक पहुंच बना चुका है। जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की व्यापक समीक्षा
हरियाणा के पानीपत के निकट समालखा में 13 से 15 मार्च तक हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक में देशभर से 1438 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक में संघ के कार्य विस्तार, संगठन की मजबूती और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की व्यापक समीक्षा की गई, जिसमें समाज का अभूतपूर्व समर्थन देखने को मिला।
88 हजार 949 शाखाएं हो रही देश में संचालित
देशभर में संघ का विस्तार लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में 924 जिलों के 6602 खंडों में से 6127 खंड शाखायुक्त हो चुके हैं। 32,305 मंडलों और 2523 नगरों में शाखाएं संचालित हो रही हैं, जबकि कुल शाखाओं की संख्या 88,949 तक पहुंच गई है। इसके साथ ही 32,606 साप्ताहिक मिलन और 13,211 संघ मंडलियां भी सक्रिय हैं।

युवाओं का बढ़ रहा जुड़ाव
मालवा प्रांत की बात करें तो यहां 3,292 स्थानों पर 5,049 शाखाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें 527 विद्यार्थी शाखाएं शामिल हैं। इस वर्ष 150 नई विद्यार्थी शाखाओं का जुड़ना युवाओं के बढ़ते जुड़ाव का संकेत है। इसके अलावा 1961 साप्ताहिक मिलन और 672 सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में सक्रिय भूमिका निभाई जा रही है।
संगठनात्मक कौशल हो रहा मजबुत
प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी संघ ने व्यापक कार्य किया है। देशभर में 40,392 स्वयंसेवकों ने प्राथमिक वर्गों में भाग लिया, जबकि 21,526 कार्यकर्ताओं ने संघ शिक्षा वर्गों में प्रशिक्षण प्राप्त किया। मालवा में भी 1712 स्वयंसेवकों ने प्राथमिक वर्गों में भाग लेकर संगठनात्मक कौशल को मजबूत किया।
देश में 10 करोड़ परिवारों तक संघ की पहुंच
गृह संपर्क अभियान ने तो मानो नया रिकॉर्ड ही बना दिया। पूरे देश में 10 करोड़ से अधिक परिवारों तक पहुंच बनाई गई, वहीं मालवा प्रांत में 82 हजार कार्यकर्ताओं ने 32 लाख परिवारों से संपर्क किया। इस दौरान संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले भी इंदौर में सक्रिय रूप से शामिल हुए। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और समाज के हर वर्ग से संवाद स्थापित किया जाएगा।

सामाजिक एकता को किया मजबूत
हिंदू सम्मेलनों और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली। देशभर में साढ़े तीन करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया, जबकि मालवा में 70 लाख से अधिक लोग इन आयोजनों से जुड़े। सामाजिक सद्भाव बैठकों में 10,840 समाज प्रमुखों की भागीदारी ने सामाजिक एकता को और मजबूत किया।
नेतृत्व, उद्यमिता और राष्ट्र विषयों पर सार्थक संवाद
युवा वर्ग में भी संघ का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। मालवा में आयोजित 311 परिसर व्याख्यान, 179 युवा संगम और अन्य कार्यक्रमों में करीब 1.88 लाख युवाओं की भागीदारी रही, जहां नेतृत्व, उद्यमिता और राष्ट्र विषयों पर सार्थक संवाद हुआ।
विजयादशमी उत्सव पर अपार उत्साह
विजयादशमी उत्सवों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। देशभर में 32 लाख से अधिक स्वयंसेवक गणवेश में शामिल हुए, वहीं मालवा में 4 लाख से अधिक स्वयंसेवकों की उपस्थिति रही। संघ की संरचना में भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। मार्च 2027 से देश को 9 क्षेत्रों और 85 संभागों में पुनर्गठित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत मालवा प्रांत के स्थान पर उज्जैन और इंदौर संभाग बनाए जाएंगे।

सामाजिक जागरण में संघ की सक्रियता
इसके साथ ही संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष पर उनके समरसता और भक्ति के संदेश को समाज में फैलाने का आह्वान किया गया। संघ द्वारा नशा मुक्ति, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक जागरण जैसे कार्यों में भी निरंतर सक्रियता दिखाई जा रही है।
इंदौर में आयोजित होगी अखिल भारतीय बैठक
अंत में यह भी घोषणा की गई कि अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की अगली बैठक अक्टूबर-नवंबर में इंदौर में आयोजित होगी, जिसमें देशभर से लगभग 450 कार्यकर्ता शामिल होंगे। शताब्दी वर्ष में संघ का यह विस्तार और जनसंपर्क अभियान न केवल संगठन की ताकत को दर्शाता है, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ उसके गहरे जुड़ाव का भी प्रमाण है।


