विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा “समरसता दिवस” का आयोजन किया गया।
इंदौर। संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर बजरंग नगर में विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा “समरसता दिवस” के रूप में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहब के मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रचार प्रमुख अन्नु गेहलोत ने अपने उद्बोधन में बाबा साहब अंबेडकर के संघर्षमय जीवन, उनके सामाजिक योगदान एवं संविधान निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज के शोषित, पीड़ित, दलित एवं वंचित वर्गों को समान अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया और एक ऐसे भारत की नींव रखी, जहाँ सभी नागरिकों को समान अवसर प्राप्त हो सकें।
इस अवसर पर इंदौर विभाग शाह समरसता प्रमुख रमेश चौकसे ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और न्याय के सशक्त प्रतीक थे। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बाबा साहब के आदर्शों को अपनाकर ही एक सशक्त, समरस और संगठित समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान बद्रीनाथ जिले के समरसता प्रमुख मनोज यादव ने यह भी कहा कि समाज में फैली ऊंच-नीच और भेदभाव की भावना को समाप्त कर सभी वर्गों को साथ लेकर चलना ही बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर , प्रांत प्रमुख गनी चौकसे, अन्नु गेहलोत, मनोज यादव, विनोद प्रजापत, राहुल राठौर, दीपक साहू, सत्यम कुशवाहा, वीरेंद्र कुशवाहा, कमल चैतन्य सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सामाजिक एकता, भाईचारा और समरसता का संदेश दिया।


