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“नंद में आनंद भयो जय कन्हैयालाल की” भजन पर नाच उठा समूचा कथा स्थल

अग्रवाल धर्मशाला पर माखन-मिश्री की वर्षा के बीच

धूमधाम से मनाया गया प्रभु श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव

“नंद में आनंद भयो जय कन्हैयालाल की” भजन पर नाच उठा समूचा कथा स्थल

इंदौर। भगवान कृष्ण ने समाज की राक्षसी प्रवृत्तियों के नाश के लिए ही अवतार लिया। दुनिया के सारे विवाद वहां पैदा होते हैं जहाँ मर्यादा की लक्ष्मण रेखा लांघी जाती है। कृष्ण और राम के चरित्र आज हजारों वर्ष बाद भी वन्दनीय और पूजनीय बन्दे हुए हैं क्योंकि समाज के गौरव और अस्मिता को बढाने तथा दुष्टों का नाश कर भक्तों की रक्षा करने का संकल्प आज भी हमें अनुभूत होता है।

श्री मालवा मील अग्रवाल पंचायत की मेजबानी में अग्रवाल धर्मशाला, वाय एन रोड पर चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञ में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। “नंद में आनंद भयो जय कन्हैयालाल की” भजन पर समूचा कथा स्थल नाच उठा। बधाई और मंगल गीतों के बीच भक्तों ने उत्सव का आनंद लिया। पंचायत के अध्यक्ष गोविन्द गर्ग, मंत्री सुशील अग्रवाल, संयोजक राजेश अग्रवाल, अर्पण गर्ग एवं उमेश मंगल ने बताया कि पंचायत की ओर से व्यास पीठ का पूजन मुख्य यजमान श्यामा-नरेश मित्तल, संजय बांकडा, कैलाश काका, विनोद मंगल, विक्की मित्तल, शिव खंडेलवाल, प्रमोद तिवारी आदि ने किया।

विद्वान वक्ता की अगवानी केन्द्रीय समिति के पूर्व अध्यक्ष संतोष गोयल एवं अशोक अग्रवाल, सतीश मंगल, सुभाष अग्रवाल, कल्याण अग्रवाल, महेश दुर्गालाल मित्तल, सतीश गोयल, प्रमोद अग्रवाल, नवीन गोयल, नरेन्द्र अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल ने की। महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका पोत्दार, नीलू अग्रवाल, सरोज गोयल, बबीता अग्रवाल, शैली अग्रवाल ने जन्मोत्सव के दौरान फूलों से समूचे कथा स्थल को श्रृंगारित किया और जन्मोत्सव के पश्चात भगवान को पालने में झुलाया। समूचे कथा स्थल को गुब्बारों से सजाकर माखन-मिश्री का भोग समर्पित किया गया। संचालन सुशीला अग्रवाल ने किया और आभार माना मनोहर अग्रवाल ने।

आज गोवर्धन पूजा – भागवत कथा में शनिवार 30 मई को गोवर्धन पूजन एवं 56 भोग दर्शन, 31 को रुक्मणी विवाह तथा सोमवार 1 जून को सुदामा चरित्र की कथा के साथ भागवत महापूजन एवं यज्ञ हवन के बीच शुकदेवजी की बिदाई के साथ समापन होगा। श्रीकृष्ण जन्म का उत्सव फूलों की होली के साथ मनाया जाएगा। रुक्मणी विवाह के लिए श्रद्धालुओं से हल्दी-मेहँदी लगाकर आने का आग्रह किया गया है। कथा 1 जून तक प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक होगी।

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