इंदौर। शहर भर में 6500 के आस-पास बोरिंग है जिसमें से आधे बोरिंग खराब या सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। अब धीरे-धीरे धरातल में पानी पहुंचने लगा है। पानी की कमी साफ दिख रही है और 600 के आस-पास टैंकर भी कम पड़ने लगे हैं। बढ़ते जलसंकट के साथ ही नगर निगम व्यवस्था कर रहा है और खासकर दूरदराज के वार्डों में पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।
नर्मदा पर ही आश्रित होने का निगम ने है ठाना
बीते दो वर्षों में बोरिंग बेहद कम हुए हैं और इसमें से भी महापौर मद को बंद किया गया है तो विकास प्राधिकरण का गैर योजना मद भी बंद हो गया है क्योंकि अब निगम का बोरिंग पर फोकस कम हुआ है, जबकि अमृत 2 योजना के तहत नर्मदा का चतुर्थ चरण पर काम तेजी से होने लगा है। विधायक, सांसद, राज्यसभा सदस्य विकास प्राधिकरण की ओर से गैर योजना मद और महापौर मद के अंतर्गत लगभग 6500 के आस-पास शहर भर में सार्वजनिक बोरिंगों की संख्या है। इनमें से अभी की स्थिति में लगभग 2-3 हज़ार के आस-पास बोरिंग सूख गए हैं और शेष धीरे-धीरे बोरिंगों का पानी धरातल में पहुंचने लगा है। इसके अलावा लगभग 1000 के आस-पास खराब बोरिंग है जिनमें किसी में मोटर खराब है तो किसी में वायर जल गया है और पानी नहीं आ पा रहा है। इसको लेकर नगर निगम पार्षद जोनल कार्यालय के साथ-साथ सीएम हेल्पलाइन तक भी शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक सुधार नहीं हो रहा है। बोरिंग सूखने लगे हैं और शहर में अप्रैल महीने में ही एकदम बढ़ती गर्मी के साथ सूखने वाले बोरिंगों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। हालत यह है कि शहर के 85 वार्ड में आज की स्थिति में लगभग 650 के आस-पास पानी के ट्रैक्टर के रूप में टैंकर चल रहे हैं लेकिन जल संकट बढ़ता जा रहा है। अगला मई महीना पूरा है और लगभग 15 से 20 जून तक स्थिति ऐसी रही तो परेशानी बढ़ सकती है।
तालाबों का जल स्तर भी हो रहा कम
शहर में पीने के पानी के लिए यशवंतसागर से रोजाना 3 से 4 एमएलडी पानी, एरोडम रोड की कई कॉलोनियों में लोगों की प्यास बुझाता है लेकिन यशवंत सागर का जल स्तर भी बीते कुछ दिनों में ही 5 फिट कम हो गया है जबकि अन्य तालाबों का पानी भी कम होने लगा है और धीरे-धीरे तालाबों का जलस्तर भी घटने लगा है। यह स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसा लग रहा है कि इस बार जल संकट अधिक हो सकता है। अब क्या स्थिति होती है। यह नहीं कहा जा सकता है, लेकिन पानी की परेशानी बढ़ सकती है।
जल समिति प्रभारी बबलू शर्मा के मुताबिक खराब बोरिंगों को सुधारने का काम तेजी से किया जा रहा है और तेजी और जल संकट को देखते हुए टैंकरों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। खासकर दूर दराज वार्ड में जलसंकट, जहां जहां है वहां पहले पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।


