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कुबरेश्वर धाम में भिखारियों से ठगी, क्या? पंडित प्रदीप मिश्रा को किया जा रहा टारगेट!

मध्यप्रदेश के सिहोर जिले में स्थित प्रसिद्ध कुबरेश्वर धाम पर कुछ भिखारियों को नकली नोट देकर हजारों रूपए की चिल्लर ठगने का मामला मीडिया में छाया रहा। जिसे कुबरेश्वर धाम से जुडे कुछ समाजसेवियों ने एक साजिश बताया है जिसके माध्यम से कुबरेश्वर धाम को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। विगत कुछ वर्षों में ही प्रदीप मिश्रा ने अपनी कथा से पुरे प्रदेश सहित देश भर में नाम कमाया है।  इससे जब पंडित प्रदीप मिश्रा की प्रसिद्ध दूर-दूर तक फैल गई तो कुछ असामाजिक तत्व लगातार प्रदीप मिश्रा की कथा में से कुछ शब्द निकाल कर विरोध कर रहे है तो कभी कभी किसी अन्य तरहों से पंडित प्रदीप मिश्रा को टारगेट कर रहे है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि लगातार कुछ घटनाएं कुबरेश्वर धाम या उससे जुड़ी हुई फैला कर कुबरेश्वर धाम को बदनाम किया जा रहा है।

ऐसा है घटनाक्रम
मंदिर परिसर में भीख मांगकर गुज़ारा करने वाले तीन से चार गरीब वृद्धों और दिव्यांग व्यक्तियों के साथ एक अज्ञात बदमाश ने धोखाधड़ी की। शातिर आरोपी ने उन्हें 200-200 रुपये के नकली नोट देकर चिल्लर के नाम पर करीब 8 से 10 हजार रुपये ले लिए। यह घटना मंडी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार देर शाम कुछ अज्ञात लोग मंदिर परिसर पहुंचे और वहां मौजूद भिखारियों से बातचीत करने लगे। इस दौरान काला कोट पहने एक व्यक्ति ने कहा कि उसकी पत्नी कुबरेश्वर धाम में चिल्लर चढ़ाना चाहती है, इसलिए उसे छोटे सिक्कों की जरूरत है। इसी बहाने उसने भिखारियों को नकली 200-200 के नोट थमाए और उनसे चिल्लर लेकर तुरंत वहां से गायब हो गया। थोड़ी देर बाद जब पीड़ितों ने इन नोटों का उपयोग करने की कोशिश की, तो उन्हें पता चला कि नोट नकली हैं।

नहीं की कोई शिकायत
हालांकि पीड़ितों ने गरीबी, असहायता और डर के कारण पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई, जिससे आरोपी बेखौफ चलता बना। कुबरेश्वर धाम में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है, जिसके कारण यहां कई गरीब लोग भीख मांगकर जीवन यापन करते हैं। इसी भीड़ का फायदा उठाकर ठग ने आसानी से अपराध को अंजाम दे दिया।

कुबरेश्वर धाम पर बढ़ाई सुरक्षा
इस मामले में मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर का कहना है कि अभी तक कुबरेश्वर धाम से संबंधित किसी भी भिखारी द्वारा शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।  लेकिन इस घटना के बाद कुबरेश्रर धाम प्रबंधन और पुलिस ने खुफिया निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस मंदिर के आसपास के इलाकों में कुछ निगरान भी रख रही है कि कोई किसी घटना को अंजाम देने का प्रयास तो नहीं कर रहा है।

क्या सस्ती लोकप्रियता पाने का प्रयास
भिखारियों के साथ ठगी की घटना को लेकर कई सवाल भी उठ रहे है। सबसे पहला सवाल यह उठता है कि क्या भिखारियों को नोट की पहचान नहीं है जो वह बिना जांचे परखे नोट ले लेते है। दूसरा यह कि ऐसी भी किसी भी घटना को किसी ने नहीं देखा है। इस घटना का कोई गवाह अब तक सामने नहीं आया है। ऐसी भी माना जा रहा है कि ऐसी घटना को अंजाम देकर कोई सस्ती लोकप्रियता पाने का प्रयास और भिखारियों से सहानुभूति दिखाने का भी प्रयास कर सकता है।

पुलिस की जांच का विषय
यहां पुलिस ने शिकायत नहीं मिलने का कह कर मामले से पल्ला अवश्य झाड़ लिया है लेकिन यह जांच का विषय है कि यहां यदि कोई इस तरह का ठग घुम रहा है तो वह किसी और के साथ भी वारदात कर सकता है। दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि नकली नोट मिले है तो यह नकली नोट कहां से आए? पुलिस को नकली नोट चलाने के लिए भिखारियों तक का इस्तेमाल करने वाले एंगल पर जांच करना चाहिए। यह एक साजिश भी हो सकती है जिसमें कोई नकली नोट चलने वाली गैग भिखारियों को ठग कर उनसे पैसे बाजार में उतार रही है। कि लोग सहानुभूति में उनसे पैसे ले लेंगे और भिखारियों के माध्यम से नकली नोट चला दिए जाएंगे।

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