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ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, दर्द न होने पर भी जरूरी है जांच

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, दर्द न होने पर भी जरूरी है जांच

इंदौर। स्तन में होने वाले हर बदलाव को गंभीरता से लेना जरूरी है। स्तन में गांठ, आकार में बदलाव, त्वचा पर असामान्य निशान या निप्पल में परिवर्तन जैसे लक्षण दिखाई देने पर दर्द का इंतजार करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। इसी संदेश के साथ केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स, इंदौर की ओर से 1 से 31 अक्टूबर तक ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के तहत महिलाओं को स्तन कैंसर के लक्षणों, समय पर जांच और शुरुआती पहचान के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को यह समझाना है कि स्तन में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, भले ही उसमें दर्द न हो।

स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसर में शामिल है। इसकी पहचान शुरुआती चरण में होने पर उपचार के बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, कई बार महिलाएं स्तन में गांठ या अन्य बदलाव महसूस होने के बावजूद दर्द नहीं होने के कारण जांच कराने में देरी कर देती हैं। कुछ महिलाएं सामाजिक झिझक, जागरूकता की कमी या परिवार और कामकाज की जिम्मेदारियों के कारण भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज करती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, स्तन में हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी नए या असामान्य बदलाव की चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। विशेष रूप से स्तन में गांठ, त्वचा में गड्ढे पड़ना या मोटापन, निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना, निप्पल से असामान्य स्राव और स्तन के आकार में अचानक बदलाव होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

अस्पताल की इस जागरूकता पहल के माध्यम से महिलाओं को नियमित रूप से अपने स्तनों में होने वाले बदलावों के प्रति सजग रहने, कैंसर के संभावित लक्षणों को पहचानने और जरूरत पड़ने पर बिना देरी किए विशेषज्ञ से परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्तन कैंसर की जांच उम्र, व्यक्तिगत जोखिम और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार कराई जानी चाहिए। जिन महिलाओं के परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास रहा है या जिन्हें अन्य जोखिम कारक हैं, उन्हें जांच की उचित प्रक्रिया और समय के बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। जागरूकता का उद्देश्य केवल बीमारी के बारे में जानकारी देना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और समय पर सही कदम उठाने के लिए प्रेरित करना भी है।

डॉ. रितेश तपकिरे, सीनियर कंसलटेंट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स ने कहा, “स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी संदेश यह है कि स्तन में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें और जांच कराने के लिए दर्द होने का इंतजार न करें। शुरुआती चरण में स्तन कैंसर हमेशा दर्द के साथ सामने नहीं आता। इसलिए गांठ, त्वचा में बदलाव, निप्पल में परिवर्तन या किसी अन्य असामान्य लक्षण को गंभीरता से लेना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय परामर्श और उचित जांच से बीमारी की पहचान करने तथा उपचार की दिशा तय करने में मदद मिल सकती है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को लेकर झिझक छोड़नी चाहिए और जरूरत महसूस होने पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।”

केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स की ओर से अक्टूबर के पूरे महीने चलने वाली इस पहल के जरिए महिलाओं और उनके परिवारों को स्तन कैंसर के प्रति जागरूक रहने, लक्षणों की अनदेखी न करने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने का संदेश दिया जा रहा है। अस्पताल का उद्देश्य जागरूकता के माध्यम से जांच में होने वाली देरी को कम करने और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने में योगदान देना है।

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