इंदौर। शहर में जातिगत जनगणना का समर्थन जुटाने आई अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने प्रेसवार्ता में एक सवाल के जवाब में, मंत्री कैलाश विजयवर्गी के बिगड़े बोल का जवाब अपनी गरिमा को भूलते हुए दे दिया। इस जवाब के साथ ही प्रेसवार्तो को समाप्त कर दिया लेकिन शब्दों की इस राजनीति ने मर्यादा की रेखा को ही पार कर दिया।
शब्द बोलने की स्थिति क्या थी?
कैलाश विजयवर्गीय ने जब ‘घंटा’ शब्द का प्रयोग किया तब वह अत्यधिक मानसिक तनाव में थे क्योकि शहर में भागीरथपुरा जैसे कांड की स्थिती को संभालना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में एक मीड़ियाकर्मी के तीखे सवाल पर वह भड़क उठे और अपशब्द का प्रयोग कर लिया लेकिन काग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने अपनी राजनीति को गर्माने के लिए महिला होते हुए भी इस शब्द का प्रयोग करके महिलाओं की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है।
राजनीति का गिरता स्तर
राजनीति में अपशब्दो का प्रयोग करने का चलन चल पड़ा है। मानों सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसे अनर्गल प्रयोग का ही तरीका बन गया है।
राहुल गांधी के दौरे बीजेपी को होगा फायदा-मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित कार्यक्रम को लेकर जहां कांग्रेस उत्साह में है। वहीं जब इंदौर में कांग्रेस की मांग पर नेहरू स्टेडियम ना देने पर मीडिया ने जब नगरीय एंव प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से यह पूछा था कि क्या भाजपा राहुुल गांधी के दौरे को लेकर चिंतित है तो कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि राहुल गांधी का दौरा भाजपा को फायदा ही पहुंचाएंगा


