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दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्यतिथि विश्व बंधुत्व दिवस पर रक्तदान महाअभियान शिविर ज्ञानशिखर में संपन्न हुआ*

दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्यतिथि विश्व बंधुत्व दिवस पर रक्तदान महाअभियान शिविर ज्ञानशिखर में संपन्न हुआ*

*”श्रेष्ठ संकल्प से किया गया रक्तदान महायज्ञ है”- ब्रह्माकुमारी हेमलता*

इंदौर,। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज ज्ञानशिखर ओमशांति भवन में विशाल विश्व बंधुत्व रक्तदान महाअभियान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 160 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी, लायंस इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर जयप्रकाश त्रिपाठी, सुप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत रावत, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन
के मध्य प्रदेश प्रमुख डॉ. ए.के. जैन, एम.वाय. हॉस्पिटल के ब्लड बैंक के इंचार्ज डॉ नरेंद्र वर्मा, डॉ. रिंकू जैन, , दुबई से पधारे ध्वस्त फैक्ट्री एलएलसी के सीईओ जितेंद्र संगतानी ने दीप प्रज्वलन द्वारा किया।

क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री में बनाया नहीं जाता, यह मानव शरीर में ही निर्मित होता है। किसी मनुष्य को जरूरत पड़ने पर मनुष्यों के द्वारा ही सहयोग दिया जाता है। अतः
रक्तदान एक महायज्ञ है, पुण्य का कार्य है। जब यह रक्तदान एक श्रेष्ठ संकल्प से विश्व परिवार की शुभकामना से, मानव सेवा के संकल्प को लेकर किया जाता है तो जिनको भी मिलता है उनको जीवन में सुकुन, आनंद, शांति देता है।

लायन भ्राता जयप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान के द्वारा पीड़ित मानवता की सेवा का जो कार्य किया जाता है, लायंस क्लब का भी वही कार्य है। आपने अपने जीवन का अनुभव सुनाते हुए बताया कि उनके जीवन में सेवा कार्य की शुरुआत रक्तदान से ही हुई। आपने संस्थान द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि नशा मुक्ति और रक्तदान का आपस में गहरा संबंध है।

डॉ. भरत रावत ने कहा कि मैं यहां अपना दूषित रक्त देकर यहां से सकारात्मक ऊर्जा भरकर अपने को ठीक करके जाता हूं। आपने हार्ट क्लब के माध्यम से हृदय को स्वस्थ रखने के नुस्खे कीजानकारी दी।

डॉ. ए.के. जैन ने कहा कि हमारे द्वारा किया गया एक यूनिट रक्त का दान केवल रक्त नहीं किसी की जिंदगी हो सकता है। अतः हम सबको जीते जी नियमित रक्तदान और मरने के बाद देहदान का संकल्प अवश्य लेना चाहिए और समाज के हर व्यक्ति तक इस संकल्प को पहुंचाना चाहिए।

डॉ. नरेंद्र वर्मा ने रक्तदान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कैसे एक यूनिट ब्लड से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। बी.पी., शुगर के मरीज नियमित रक्तदान करें तो बी.पी. शुगर कंट्रोल हो सकती है, दवाइयां भी छूट सकती हैं। हमें हर एक को रक्तदान के लिए प्रेरित करना चाहिए।

दुबई से पधारे जितेंद्र संगवानी ने अपनी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ .संगीता टावरी ने किया तथा मेडिकल विंग की जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमारी उषा बहन ने सभी का आभार माना। कार्यक्रम में डॉ. साधना सोडाणी, डॉ. शिल्पा देसाई, गिरीश लुल्ला, ब्रह्माकुमारीज के स्थानीय सेवाकेंद्रों की वरिष्ठ ब्रह्माकुमारी बहनें विशेष रूप से उपस्थित रहीं। रक्तदान करने वालों को संस्थान की ओर से विशेष सर्टिफिकेट, ब्लड डोनर बैच, वरदान कार्ड तथा ईश्वरीय संदेश युक्त पत्र प्रदान किया गया।

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