*जीवित माता-पिता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना हमारी संस्कृति है* पं. सत्यनारायण सत्तन
इंदौर। *परम पूज्य सदगुरुदेव आचार्य सुधांशु महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से विश्व जागृति मिशन इंदौर मंडल द्वारा विगत 25 वर्षों से प्रति वर्ष श्रद्धा पर्व का आयोजन किया जा रहा है ।गणमान्यजनों का अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।
गंगवाल बस स्टैंड के पास स्थित जगन्नाथ वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्धजनों के बीच पहुंचकर उनके बीच भजन कीर्तन किया गया । वृद्धश्रम में निवास कर रहे सभी 24 वरिष्ठजनों को तिलक निकाल कर माला पहना हुए उन्हें आवश्यक वस्त्र,फल, भेट करते हुए उन सभी को श्रद्धा निधि भी सौपी गई,।अंत में उन सभी वरिष्ठजनों को विश्व जागृति मिशन इंदौर मंडल के गुरु भक्तों के द्वारा स्वादिष्ट और स्वरुचि भोज कराया गया*
*कार्यक्रम के द्वितीय चरण में स्थानीय सुरुचि गार्डन में सर्वप्रथम महिला राष्ट्रीय आयोग एवं डॉ आर्चिका फाउंडेशन द्वारा विशेष रूप से तैयार “मानसिक शक्ति” के विशेष वीडियो का प्रसारण किया गया,*
*कार्यक्रम के मध्य में श्रीमती स्वीटी अनिल शर्मा के द्वारा उपस्थित श्रद्धालुजनों से ध्यान साधना की प्रमुख क्रियाएं कराई गई, जिससे सभी गुरु भक्त मंत्र मुक्त हो गए*
*इसके पश्चात राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण जी सत्संग के मुख्य आतिथ्य, वरिष्ठ साहित्यकार श्री हरेराम बाजपेई की अध्यक्षता में गरिमामय ढंग से श्रद्धा पर्व मनाया गया, इस आयोजन में माता-पिता एवं माता-पिता तुल्य 15 वरिष्ठजनों का जिसमें मुख्य रूप से श्रीमती शांताबाई दुबे, 97 वर्ष, श्री रमेश चंद्र जी निगम, 91 वर्ष, श्री त्रिलोक चंद्र जी जाधव, 87 वर्ष, कोतवाल माताजी, 90 वर्ष, श्रीमती दगड़ी बाई तिरोल, 81 वर्ष, इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष,पंडित कृपा शंकर शुक्ला, 80 वर्ष, प्रसिद्ध भजन गायक पंडित महेश जी शर्मा, श्रीमती सुलोचना जी जोशी, 79 वर्ष, श्री एवं श्रीमती लक्ष्मण राव वडनेरे, 85 वर्ष, श्री एवं श्रीमती एल.एन. राठी, 77 वर्ष, श्री बी.एल. तिवारी, 78 वर्ष, श्री प्रकाश चंद्र जी जोशी, 77 वर्ष, श्रीमती स्नेहप्रभा पिंगले, श्री राजा बाबू, 74 वर्ष मुख्य अतिथि सत्तन एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री वाजपेई जी के हाथों से वाले, श्रीफल, स्मृति चिन्ह दुपट्टा एवं मिठाई भेटकर एवं सभी का स्वागत, वंदन एवं अभिनंदन किया गया*
*इस अवसर पर पंडित सत्यनारायण जी सत्संग के द्वारा अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज के द्वारा श्रद्धा के बाद श्रद्धापर्व मनाने का आव्हान सनातन संस्कृति को जीवित रखने की दिशा में अनुकरणीय पहल है, वरिष्ठजन हमारे समाज की धरोहर हैं, जीवित माता-पिता ही आपके देवी देवता है, माता-पिता की सेवा और सम्मान से जो प्राप्त होता है वह किसी तीर्थ से प्राप्त नहीं हो सकता है, क्योंकि हमारी संस्कृति तो श्रवण कुमार की संस्कृति है, हमारी संस्कृति मर्यादा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की संस्कृति है, जिन्होंने पिता के एक वचन पर राजपाठ छोड़ दिया, इसलिए अपने बुजुर्गों और माता-पिता के प्रति सदैव समर्पित रहे, यह सब गुरु के सानिध्य में रहकर ही जीवन में आत्मसात किया जा सकता है*
*कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हरेराम वाजपेई के द्वारा भी अपने प्रभावित उद्बोधन में कहा कि माता-पिता को खुश रखना ही हमारी सच्ची पूजा और भक्ति है, माता-पिता हमारे संजीव भगवान हैं, उनका आशीर्वाद ही हमें जीवन के संकटों से बचाता है*
*कार्यक्रम के मध्य में विश्व जागृति मिशन इंदौर मंडल की महिला मंडल की प्रमुख श्रीमती आशा लता डाबर के साथ पुरी भजन मंडली द्वारा माता-पिता एवं गुरु के करण प्रिय भजनों की प्रस्तुति भी दी गई*
*विश्व जागृति मिशन इंदौर मंडल की ओर से श्री सत्यनारायण जी एवं श्री हरेराम बाजपेई का शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह बैठकर अभिनंदन किया गया*
*इंदौर मंडल की ओर से इस कार्यक्रम में कृष्ण मुरारी शर्मा, अनिल शर्मा, विजय राव भोसले, राजेश जी पाराशर, सत्यनारायण मारू, अजय कानूनगो, नवीन भुसरी, प्रदीप आचार्य, गजेंद्र भावसार, दिवेश अग्रवाल, प्रवीण अग्निहोत्री आदि के द्वारा विशेष योगदान दिया गया*

