नशे की गिरफ्त में जकड़े अपने बच्चों को बाहर निकालने में सहयोग करने वाले 15 माता-पिता और पालकों का सम्मान
पंचकुइया स्थित अंकुर रिहेब सेंटर पर लोगों को जागरूक बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास
इन्दौर। पंचकुइया स्थित अंकुर रिहेब सेंटर पर 15 ऐसे माता-पिता और अभिभावकों का सम्मान किया गया जिन्होंने रिहेब सेंटर की मदद से अपने बच्चों को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने और उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन की ओर लौटाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष धर्मेन्द्र पंड्या, संयुक्त संचालक पवन चौहान एवं शिक्षाविद डॉ. ज्योति श्रीवास्तव ने अतिथि के रूप में इस आयोजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने और नशे जैसी गंभीर समस्या में जकड़े परिवारों को राहत देने की दिशा में एक वन्दनीय प्रयास बताया।
अंकुर रिहेब सेंटर के निर्देशक डॉ. अंकुर अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प के अनुरूप सेंटर द्वारा पिछले 15 वर्षों से नशामुक्त समाज के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उपचार के बाद व्यक्ति को नशे से दूर बनाए रखने में परिवार का प्यार, सम्मान, विश्वास, धैर्य और निरंतर सहयोग सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी भाव को दृष्टिगत रखते हुए 15 अभिभावकों को अपने केंद्र पर आमंत्रित कर यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर इस अनूठे आयोजन का शुभारंभ किया।
इस मौके पर उन सामाजिक संस्थाओं का भी सम्मान किया गया जो नशामुक्ति के इस पवित्र संकल्प में पूरी निष्ठा से सहयोग दे रही हैं। प्रारम्भ में संस्था के चेयरमैन डॉ. सुरेश अग्रवाल, डॉ. सुनीला अग्रवाल, युगपुरुष धाम संस्था के सचिव तुलसी धनराज शादीजा, प्राचार्य डॉ. अनिता शर्मा, समाजसेवी श्रीमती निशा शर्मा, श्रीमती अनुराधा, प्रकाश शर्मा, द्वारका प्रसाद एवं प्रकाश मानावत आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। भगवानदास साहू एवं आबिद खान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुजा त्रिपाठी ने किया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह बीएस परिहार, तुलसी शादीजा, डॉ.एसएम होल्कर ने भेंट किए। कार्यक्रम में अतिथियों का मुख्य सन्देश यही था कि नशा छोड़ें-जीवन जोड़ें-परिवार बचाएं-समाज बनाएं-नशामुक्त भारत बनाएं।


