शुद्ध गोमय (गोबर) से बहुत ही कलात्मक, पवित्र और पर्यावरण-अनुकूल दीवाली उत्पाद व हैम्पर्स तैयार
इंदौर। *इस दीवाली, खुशियों में शामिल करें एक नई शुरुआत का दिया!* दीपावली का असली अर्थ है अंधेरे पर उजाले की विजय। यदि आपकी एक छोटी सी ख़रीद किसी के जीवन के सबसे गहरे अंधेरे को मिटाकर उसमें स्थाई रोशनी भर दे, तो वह दीवाली कितनी पावन होगी?
भिक्षावृत्ती छोड़ चुके हमारे उन साथियों ने—जो कभी मानसिक अस्वस्थता, लाचारी और परिस्थितियों के क्रूर चक्रव्यूह में फंसे थे—आज अपनी इच्छाशक्ति, इलाज और सही मार्गदर्शन से एक नया इतिहास रचा है।
भिक्षुक पुनर्वास केंद्र की रुपाली जैनने बताया कि
आज वे न केवल पूरी तरह स्वस्थ हैं, बल्कि मुख्य धारा में आकर अपने परिवारों के साथ मिलकर सम्मानपूर्वक हुनर की राह पर चल पड़े हैं।
उसी स्वाभिमान और मेहनत से उन्होंने 100% शुद्ध गोमय (गोबर) से बहुत ही कलात्मक, पवित्र और पर्यावरण-अनुकूल दीवाली उत्पाद व हैम्पर्स तैयार किए हैं।
यह सिर्फ सजावटी वस्तुएं नहीं हैं, यह प्रमाण हैं कि सही अवसर मिले तो हर जीवन बदल सकता है और दान या भिक्षा नहीं, स्वावलंबन ही असली पुनर्वास है।
*विशेष गोमय दीवाली कलेक्शंस:*
शुभ-लाभ, श्री यंत्र, लक्ष्मी चरण, आकर्षक तोरण, सुंदर हस्तनिर्मित गोमय दीये और भव्य पूजन थाली । *लगभग 107 तरह के गोमय उत्पादों की वृहत शृंखला*। विशेष ‘स्व-उत्थान’ कॉर्पोरेट व फैमिली दीवाली गिफ्ट
किसी के पूरे परिवार के लिए स्वाभिमान की दीवाली बन सकता है। इस बार बाज़ार के प्लास्टिक और चाइनीज़ सामानों को छोड़िए, और अपने घर में इन शुद्ध व पवित्र हाथों से बनी रोशनी लाइए!
भिक्षुक पुनर्वास केंद्र, सामाजिक कल्याण परिसर, परदेसीपुरा, इंदौर (म.प्र.) । वोकल फॉर लोकल के साथ-साथ ‘सहानुभूति नहीं, स्वावलंबन’ का संकल्प लें और उनके हुनर को सम्मान दें। इस दीवाली सही मायने में दीप जलाएं!

