Eternal Hinduism जीवन का आनंद भक्ति में है, भोग में नहीं- पं. राजेश शास्त्री जीवन का आनंद भक्ति में है, भोग में नहीं। संसार का आनंद जड़ में नहीं, चैतन्य में होता है। केवल परमात्मा ही चैतन्य स्वरूप हैं, बाकी सब जड़ है। जितने Bharti joshi8 months agoKeep Reading