lord

Eternal Hinduism

भगवान की लीलाओं के दर्शन और श्रवण से मन में होगा पवित्र संकल्पों का सृजन – स्वामी प्रणवानंद सरस्वती

इंदौर(विनोद गोयल)    हमारे धर्मग्रंथ सुषुप्त समाज को जागृत एवं चैतन्य बनाते हैं। मनुष्य का जीवन हमें केवल पशुओं की तरह व्यवहार करने के लिए नहीं, बल्कि सदभाव, परमार्थ और
Devasthan (temple)

ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर, मृत्यु और काल के स्वामी होने के कारण महादेव को कहा जाता है महाकाल

भगवान शिव, जो समय (काल) और मृत्यु (काल) के भी स्वामी हैं, यानी वे समय और मृत्यु से परे हैं और उनका कोई अंत नहीं; वह स्वयं समय को नियंत्रित