sorrow

Eternal Hinduism

सुख और दुःख हमारे कर्मों का ही फल, भगवान के शब्दकोश में तो ऐसे कोई शब्द ही नहीं – स्वामी प्रणवानंद सरस्वती

भगवान के शब्दकोष में सुख या दुख नाम का कोई शब्द है ही नहीं। सुख और दुख हमारे कर्मो का फल है। हम जैसे कर्म करेंगे, फल भी वैसे ही