Eternal Hinduism धरा एवं प्रकृति का संरक्षण है आवश्यक- युवराज स्वामी श्री यतींद्राचार्य जी हम इस धरा का केवल शोषण करते हैं दोहन करते हैं अत्याचार करते हैं हम अपने स्वार्थ के लिए खेती करते हैं हम अपने स्वार्थ के लिए अनाज खाते हैं Bharti joshi2 months agoKeep Reading