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अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन)। द्वारा  रविवार को निकलने वाली इस्कॉन की भव्य रथ यात्रा के लिए भगवान जगन्नाथ के रथ सहित वृन्दावन से आई श्रृंगार सामग्री

अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन)। द्वारा  रविवार को निकलने वाली इस्कॉन की भव्य रथ यात्रा के लिए भगवान जगन्नाथ के रथ सहित वृन्दावन से आई श्रृंगार सामग्री

अन्नपूर्णा मंदिर पर 51 फीट ऊँचे हाईड्रोलिक रथ की सजावट का काम होगा शुरू, शाम को निकाली मनुहार यात्रा

आठ स्वर्ण झाडुओं से होगी यात्रा मार्ग की सफाई, देश-विदेश के अनेक संत और भक्त भी आएंगे

इंदौर। अन्नपूर्णा मंदिर से रविवार 19 जुलाई को दोपहर 1 बजे निकलने वाली इस्कॉन मंदिर की जगन्नाथ रथ यात्रा की जोरदार तैयारियां चल रही हैं। वृन्दावन से भगवान का रथ और उसके श्रृंगार की सामग्री शुक्रवार को निपान्या स्थित इस्कॉन मंदिर पहुँच गई है। इस्कॉन इंदौर के अध्यक्ष स्वामी महामनदास के निर्देशन में 51 फीट ऊँचे हाईड्रोलिक रथ पर भगवान श्रीकृष्ण, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के विग्रह विराजित कर वृन्दावन से आई पोशाक से श्रृंगारित करने का काम शनिवार से प्रारम्भ हो जाएगा। यात्रा मार्ग की सफाई स्वर्ण से निर्मित 8 झाडुओं से विशिष्ट अतिथियों द्वारा की जाएगी। शुक्रवार की शाम को अन्नपूर्णा मंदिर से महू नाका चौराहा तक इस्कॉन के संतों और गुरुकुल में पढने वाले वेदपाठी पंडितों ने स्वामी महामनदास के सानिध्य एवं अन्नपूर्णा आश्रम के संचालक स्वामी जयेंद्रानंद गिरी के आतिथ्य में मनुहार यात्रा निकालकर भक्तों को रथ यात्रा का न्योता दिया।

निपान्या स्थित इस्कॉन मंदिर पर इन दिनों जगन्नाथपुरी की तर्ज पर रथ यात्रा की तैयारियां पूरे चरम पर पहुँच गई है। रथ यात्रा संयोजक हरि अग्रवाल, किशोर गोयल, अशोक गोयल एवं भावेश दवे ने बताया कि रविवार को निकलने वाली रथ यात्रा के लिए भगवान की पोशाक एवं अनेक किस्म के फूल भी वृन्दावन से आ गए हैं। यात्रा में राधा कृष्ण के स्वरुप में अनेक श्रद्धालु और इस्कॉन मंदिर से जुड़े देश-विदेश के संत भी शामिल होंगे।

रथ को ऊपर-नीचे खिसकाने की व्यवस्था – प्रमुख रथ की ऊँचाई 51 फीट है जिसे हाईड्रोलिक की मदद से ऊपर-नीचे खिसकाकर बिजली के तारों एवं अन्य अवरोधों से बचाया जा सकेगा। इस रथ को हजारों श्रद्धालु अपने हाथों से खींचकर महामंडलेश्वर स्वामी विश्वैश्वरानंद गिरी के सानिध्य में अन्नपूर्णा मंदिर से नरेन्द्र तिवारी मार्ग, रणजीत हनुमान मंदिर, महू नाका चौराहा, छत्रीपुरा, बियाबानी, मालगंज चौराहा से मल्हारगंज, टोरी कार्नर, गोराकुंड, खजूरी बाजार, राजबाड़ा होते हुए गोपाल मंदिर तक ले जाएँगे। इस दौरान मार्ग में 50 से अधिक स्वागत मंच एवं तोरण द्वारा लगाकर भगवान के रथ पर पुष्प वर्षा की जाएगी।

श्र्द्धालुओं का होगा सम्मान- स्वागत मंच और तोरण द्वार लगाने वाले श्रद्धालुओं का गोपाल मंदिर में इस्कॉन इंदौर के प्रमुख स्वामी महामनदास द्वारा सम्मान भी किया जाएगा। रथ यात्रा में एक प्रमुख बड़े रथ पर भगवान कृष्ण, भाई बलराम और बहन सुभद्रा के विग्रह विराजित किए जाएँगे तथा एक मिनी रथ भी यात्रा के साथ चलेगा जिसकी रथ यात्रा 26 जुलाई को इस्कॉन मंदिर परिसर में निकाली जाएगी। इसके अलावा यात्रा में डीजे की गाड़ी, राधा गोविन्द नृत्य और भक्त मंडली, विंटेज कार तथा प्रसाद वितरण की गाड़ी भी शामिल रहेगी। पूरे यात्रा मार्ग में भक्तों को प्रसाद मिल सकेगा। मायापुर-कोलकाता एवं वृन्दावन से आने वाली संकीर्तन मण्डली के सदस्य भी शनिवार रात को पहुँच जाएँगे। इस्कॉन से जुड़े अनेक संत, महापुरुष भी इस रथ यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा मार्ग पर लगने वाले स्वागत मंच एवं तोरण द्वार की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है।

देश-विदेश के अनेक संत एवं संकीर्तन मण्डली शामिल होंगी – यात्रा के लिए इस्कॉन से जुड़े अनेक संत एवं देश-विदेश के श्रद्धालुओं का इंदौर आगमन शुरू हो गया है। वृन्दावन के सर्वसाक्षी प्रभु सहित इंदौर इस्कॉन के श्रीनिकेतन दास, अद्विधरण दास, गिरधर गोपाल दास, विशाल प्रभु, अच्युत गोपाल दास, रणधीर दास, कृष्णा देवी दासी द्वारा भगवान के रथ को श्रृंगारित करने का काम शनिवार को सुबह से प्रारम्भ हो जाएगा। यात्रा के अंत में पूरे मार्ग की सफाई के लिए एक अतिरिक्त सफाई वाहन भी साथ चलेगा वहीं यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भी इस्कॉन के 21 भक्तों की टीम तैनात रहेगी। शुक्रवार की शाम को इस्कॉन गुरुकुल के वेदपाठी पंडितों और अन्य भक्तों ने अन्नपूर्णा मंदिर से महू नाका चौराहा तक मनुहार यात्रा निकाली और हरेरामा हरेकृष्णा संकीर्तन करते हुए यात्रा मार्ग स्थित प्रतिष्ठानों और घरों को रथ यात्रा का न्योता दिया। शनिवार को महू नाका चौराहा से गोपाल मंदिर तक भी मनुहार यात्रा शाम को 6 बजे से निकाली जाएगी।

 

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