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प्रख्यात संत, ब्रह्मऋषि किरीट भाईजी के साथ मालवा अंचल के भक्त जाल सभागृह में मनाएंगे गुरू पूर्णिमा

प्रख्यात संत, ब्रह्मऋषि किरीट भाईजी के साथ मालवा
अंचल के भक्त जाल सभागृह में मनाएंगे गुरू पूर्णिमा

जाल सभागृह में 24 जुलाई को सुबह 10 बजे से तुलसी परिवार की मेजबानी में होगी प्रवचनों की वर्षा–ठाकुरजी का पूजन भी होगा

इंदौर। प्रख्यात संत, ब्रह्मऋषि किरीट भाईजी इस बार शुक्रवार, 24 जुलाई को अपने शिष्यों और भक्तों के साथ गुरू पूर्णिमा महोत्सव मनाने के लिए इंदौर आएंगे। वे साऊथ तुकोगंज स्थित जाल सभागृह में सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक तुलसी परिवार इंदौर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भक्तों और शिष्यों को आशीर्वचन देंगे, उनकी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे और ठाकुरजी का पूजन भी करेंगे।
तुलसी परिवार इंदौर के प्रमुख, कार्यक्रम संयोजक संजय सोनी, राजेश नेमा एवं मीतेश जोशी ने बताया कि भाईजी ने गुरूपूर्णिमा के उपलक्ष्य में अपनी कृपा वर्षा यात्रा गत इस बार गत 11 जुलाई को दिल्ली से प्रारंभ की है। वे देश के प्रमुख शहरों के भक्तों और शिष्यों को दर्शन देने के बाद 24 जुलाई शुक्रवार को इंदौर पहुंचेंगे और सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक जाल सभागृह में आयोजित महोत्सव में अपने भक्तों और शिष्यों पर कृपा वर्षा करेंगे। तुलसी परिवार के सुनील मालू, राजेश गुप्ता खादी कल्चर एवं महेश जाजू के अनुसार उनकी यह गुरू पूर्णिमा यात्रा 29 जुलाई को बिहार के भागलपुर में संपन्न होगी। इंदौर में होने वाले कार्यक्रम में ग्वालियर, उज्जैन, धार, भोपाल और आसपास के शहरों के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होंगे। उनके शहर आगमन पर तुलसी परिवार ने उनके गरिमापूर्ण स्वागत की तैयारियां की हैं। महोत्सव के लिए प्रतिदिन तुलसी परिवार की बैठकों का सिलसिला जारी है।
किरीट भाईजी अब तक दिल्ली से मुंबई, पुणे, उल्हासनगर, जलगांव एवं गोवा की यात्रा कर चुके हैं जहाँ सैकड़ों की संख्या में उनके भक्तों एवं शिष्यों ने उनका आत्मीय एवं गरिमापूर्ण स्वागत किया। अब 19 जुलाई को सूरत, 20 को अहमदाबाद, 21 को अजमेर, 22 को जयपुर, 23 को रतलाम और 24 को इंदौर के बाद वे यहाँ से सीधे कानपुर के लिए प्रस्थित होंगे, जहाँ 25 जुलाई को साकेत नगर में उनके प्रवचनों की अमृतवर्षा होगी। 26 जुलाई को हरदोई, 27 को लखनऊ और 28 को कोलकाता के बाद 29 जुलाई को भागलपुर में उनकी गुरु पूर्णिमा यात्रा का विराम होगा। आगामी दिसम्बर माह में भाईजी के सानिध्य में उनके श्रीमुख से 3 से 9 दिसम्बर तक भुज, कच्छ में कनकधारा कथा का दिव्य आयोजन होने जा रहा है। इसके अलावा नंदीवन भुज में विशाल गौशाला का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ भाईजी के सुपुत्र शुक्राचार्य के निर्देशन में गौसेवा का प्रकल्प संचालित किया जा रहा है।

 

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