मध्यप्रदेश वैश्य महासम्मेलन
मप्र वैश्य महासम्मेलन द्वारा दूसरी बार अभा स्तर पर विधवा, विधुर, तलाकशुदा व प्रौढ़ प्रत्याशियों का परिचय सम्मेलन 27 सित. को
अब तक 532 प्रविष्ठियां प्राप्त – देशभर के 200 शहरों में प्रविष्ठी फॉर्म भेजे जाएँगे – सभी प्रमुख वैश्य घटक शामिल होंगे
इंदौर । मप्र वैश्य महासम्मेलन द्वारा शहर में दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर 25 से अधिक घटक समाजों के विधवा, विधुर, तलाकशुदा, दिव्यांग और 32 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्याशियों के लिए आगामी 27 सितम्बर को रवीन्द्र नाट्य गृह में अनूठा परिचय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें अब तक 532 प्रविष्ठियां ऑनलाइन एवं संगठन के एप के माध्यम से प्राप्त हो चुकी हैं। परिचय सम्मेलन के लिए देश के 200 से अधिक शहरों में वैश्य महासम्मेलन के कार्यालयों एवं अन्य सहयोगी संगठनों के केन्द्रों पर प्रविष्ठी फॉर्म भेजे गए हैं।
मप्र वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री अरविन्द बागड़ी, नगर अध्यक्ष अशोक खंडेलवाल, सम्मेलन संयोजक राजेश गर्ग एवं शिव जिन्दल ने बताया कि वैश्य समाज के घटकों में विवाह की बढती उम्र के साथ ही तलाक के मामलों की बढती संख्या भी पालकों के लिए चिंता का बड़ा कारण बनी हुई है। वरिष्ठ समाजसेवी और मप्र वैश्य कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में अब संगठन द्वारा दूसरी बार यह पहल की जा रही है, ताकि वैश्य घटकों के प्रत्याशियों की बढती उम्र, पारिवारिक विवादों एवं तलाक के बढ़ते मामलों की स्थिति से राहत मिल सके। परिचय सम्मेलन के लिए वरिष्ठ समाजसेवी विनोद अग्रवाल (एमराल्ड समूह), प्रेमचंद गोयल एवं दिनेश मित्तल के मार्गदर्शन में नियमित बैठकों का सिलसिला 20 जुलाई से प्रारम्भ कर दिया जाएगा। संगठन के मार्गदर्शक राजेश चेलावत, परामर्शदाता धीरज खंडेलवाल एवं अन्य पदाधिकारियों के निर्देशन में इस परिचय सम्मेलन की व्यापक तैयारियां प्रारम्भ हो चुकी हैं। शुक्रवार 17 जुलाई को प्रविष्ठी फॉर्म का विमोचन होगा। इसके अलावा एक परिचय पुस्तिका का प्रकाशन भी किया जा रहा है जिसमें सभी प्रत्याशियों के सचित्र विवरण और उनकी पसंद के बारे में भी जानकारी उपलब्ध रहेगी। सोमवार 20 जुलाई को शहर के सभी वैश्य घटकों की अलग-अलग बैठके आयोजित कर उन्हें भी इस परिचय सम्मेलन से जोड़ा जाएगा।
शहर में 27 सितम्बर को सुबह 10 बजे से प्रारम्भ होने वाले इस परिचय सम्मेलन के फॉर्म का विमोचन 17 जुलाई को होगा, उसके बाद देश के सभी प्रमुख शहरों में स्थित संगठन के मुख्यालयों एवं अन्य वैश्य घटकों के कार्यालयों पर परिचय सम्मेलन के लिए प्रविष्ठी फॉर्म उपलब्ध हो सकेंगे। इस सम्मेलन में 32 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्याशियों को भी अवसर मिल सकेगा। साथ ही जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी से तलाक अथवा मृत्यु के कारण एकांकी पर आ गया है, उनके लिए भी इस सम्मेलन के माध्यम से ख़ुशी और आनंद लाने का सार्थक प्रयास किया जाएगा। अब तक जो प्रविष्ठियां प्राप्त हुई हैं उनमें 360 युवक प्रत्याशी और 172 युवती या महिला प्रत्याशी शामिल है। अग्रवाल, माहेश्वरी, श्वेताम्बर-दिगम्बर जैन, मेढ़तवाल, नागर चित्तोड़ा महाजन, मोढ, गहोई वैश्य, विजयवर्गीय, नीमा, पोरवाल सहित सभी प्रमुख वैश्य घटकों के पदाधिकारियों से आग्रह किया गया है कि वे स्वयं भी इस परिचय सम्मेलन में शामिल हों और अपने समाजों के ऐसे प्रत्याशियों की प्रविष्टियाँ भी भिजवाएं ताकि जीवन के इस दौर में उन्हें उपयुक्त जीवनसाथी मिल सके।
सम्मेलन की प्रारम्भिक सूचना एवं विस्तृत विवरण देशभर के अग्रवाल संगठनों को भेजे जा रहे हैं और उम्मीद है कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी 2 हजार से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त होंगी। इसके पूर्व गत वर्ष संगठन द्वारा 1 जून को रवीन्द्र नाट्य गृह में यह परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें करीब 2 हजार प्रत्याशियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई थी और 50 से अधिक रिश्ते तय
हुए थे।


