अपने भक्तों का हाल जानने भूतेश्वर महादेव दूल्हे के श्रृंगार में 24 को
सज-धजकर निकलेंगे सुसज्जित रथ और पालकी में सवार होकर
पांच क्विंटल फूलों से होगी सज्जा – हजारों श्रद्धालु हाथों से खींचेंगे रथ को – 200 से अधिक मंचों से होगी बिल्व पत्रों से पूजा-अर्चना
पर्यावरण संरक्षण के लिए तुलसी के पांच हजार पौधे वितरित करेंगे – शहर के सभी समाजों की सहभागिता रहेगी
इंदौर, । पंचकुइया मोक्ष धाम स्थित पश्चिम क्षेत्र के प्रख्यात श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर की शाही सवारी सावन के अंतिम सोमवार, 24 अगस्त को दोपहर 3.30 बजे पंचकुइया स्थित मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर लगभग 10 किमी का भ्रमण कर विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी। भगवान भूतभावन भोलेनाथ इस यात्रा में दूल्हे के रूप में करीब पांच क्विंटल सुगंधित फूलों, बिल्व पत्रों से सुसज्जित रथ और पालकी में विराजित होकर अपने भक्तों का कुशलक्षेम जानने और दर्शन देने निकलेंगे। इसके साथ ही 51 लाख बिल्व पत्रों से भगवान भूतेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना का विश्व कीर्तिमान भी इंदौर के नाम दर्ज होगा। यात्रा में सभी समाजों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। सामाजिक समरसता के साथ ही इस यात्रा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सन्देश भी दिया जाएगा।
श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी पं. श्री हरीशानंद तिवारी एवं आचार्य पं. यतीन्द्र तिवारी ने बताया कि इस दौरान समूचे यात्रा मार्ग में 200 से अधिक स्वागत मंचों से भगवान भूतेश्वर की बिल्व पत्रों से पूजा-अर्चना और पुष्प वर्षा होगी ही, अनेक घरों की छतों और बालकनियों से भी भगवान शिवाशिव का वन्दन होगा। मन्दिर पर श्रावण के पहले दिन से ही प्रतिदिन एक लाख बिल्व पत्रों से सर्व मनोकामना सिद्धिप्रद अहर्निश लक्ष्य बिल्वार्चन चिंतामणि महाप्रयोग का दिव्य अनुष्ठान जारी है जिसमें अब तक 20 लाख बिल्व पत्र समर्पित किए जा चुके हैं। नगर भ्रमण के दौरान करीब 21 लाख बिल्व पत्र और समर्पित किए जाएँगे तथा श्रावण के शेष 10 दिनों में 10 लाख सहित 51 लाख बिल्व पत्रों से भगवान भूतेश्वर महादेव के अभिषेक का नया कीर्तिमान स्थापित होगा। मंदिर प्रबन्धन की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए पांच हजार तुलसी पौधों का वितरण भी यात्रा के दौरान किया जाएगा। यात्रा में शहर के सभी प्रमुख समाजों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई है।
पिछले 87 वर्षों की गौरवशाली परंपरा – भूतेश्वर महादेव की नगर भ्रमण यात्रा का यह 88वां वर्षा है जिसकी तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। सन 1938 में सबसे पहले श्रावण माह में इसकी शुरुआत बहुत छोटे स्तर पर हुई थी, लेकिन भक्तों की आस्था और श्रद्धा का दायरा लगातार व्यापक होता चला गया और अब यह यात्रा पश्चिम क्षेत्र की पहचान के रूप में स्थापित हो चुकी है। यात्रा में भगवान भूतेश्वर महादेव रथ पर एक सुसज्जित पालकी में शोभायमान होकर अंतिम चौराहा से बड़ा गणपति, टोरी कार्नर, गोराकंड, खजूरी बाजार होते हुए राजबाड़ा, यशवंत रोड से जवाहर मार्ग नरसिंह बाजार, मालगंज, राजमोहल्ला चौराहा से अंतिम चौराहा होते हुए पुनः मंदिर पहुंचेंगे। इस रथ को मंदिर के सेवादार एवं सैकड़ों श्रद्धालु अपने हाथों से खींचते हुए चलेंगे। मार्ग में जगह-जगह भक्तों के लिए स्वल्पाहार, फलाहार, फल, आईस्क्रीम, मिठाई एवं अन्य प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी भक्तों एवं विभिन्न संगठनों की ओर से की जा रही है। मंदिर पर सामूहिक आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ यात्रा का समापन होगा। शहर के अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि, श्रद्धालु एवं विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी यात्रा में शामिल होंगे।
नगर भ्रमण में 21 लाख बिल्व पत्र समर्पित करेंगे- मंदिर पर गत 29 जुलाई से संभवतः विश्व में पहली बार भूतेश्वर महादेव को प्रतिदिन एक लाख बिल्व पत्र समर्पित करने का अनुष्ठान जारी है। यहाँ अब तक 20 लाख बिल्व पत्र 7 नर्मदेश्वर शिवलिंग निर्मित कर नियमित रूप से 24 घंटे पूजा- अर्चना की जा रही है जिसमें ॐ हौं जूं सः महामंत्र के साथ ही महाभारत में उल्लेखित शिव आराधना के मंत्रों तथा उज्जैन, ओंकारेश्वर एवं शहर की अन्य संस्कृत पाठशालाओं के वेदपाठी ब्राह्मण बारी-बारी से दो-दो घंटे बिल्व पत्र समर्पित कर रहे हैं। नगर भ्रमण के दौरान भी 200 स्वागत मंचों से करीब 21 लाख बिल्व पत्र भगवान भूतेश्वर को समर्पित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह श्रावण के समापन तक 51 लाख बिल्व पत्र समर्पित करने का अनूठा संकल्प पूरा हो सकेगा। यह विश्व में एक नया यशस्वी कीर्तिमान बनेगा।
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