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इंदौर में 26 सितम्बर से वैश्य समाज के 25 घटकों के लिए दो दिवसीय अभा परिचय सम्मेलन होगा, 4 हजार से अधिक उच्च शिक्षित और अधिक आयु के प्रत्याशी आएंगे

इंदौर में 26 सितम्बर से वैश्य समाज के 25 घटकों के लिए दो दिवसीय अभा परिचय सम्मेलन होगा, 4 हजार से अधिक उच्च शिक्षित और अधिक आयु के प्रत्याशी आएंगे

स्कीम 71 स्थित दस्तूर गार्डन पर विशाल मंच, पांडाल, भोजनशाला एवं 25 से अधिक व्यवस्था समितियों के लिए निर्माण कार्य शुरू

 

इंदौर। मप्र वैश्य महासम्मेलन की मेजबानी में 26-27 सितम्बर कोरिंग रोड स्कीम 71 स्थित दस्तूर गार्डन पर वैश्य समाज के 25 प्रमुख घटकों के लिए आयोजित हो रहे दो दिवसीय अ.भा. युवक-युवती परिचय सम्मेलन में 4 हजार से अधिक प्रत्याशी शामिल होंगे। इनमें अधिकांश प्रत्याशी उच्च शिक्षित होकर स्वयं के कारोबार में स्थापित हैं। इंदौर में मप्र वैश्य महासम्मेलन के तत्वावधान में यह छठां अभा सम्मेलन हो रहा है जिसमें 28 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्याशियों की भागीदारी रहेगी। सम्मेलन स्थल पर भव्य मंच, पांडाल, भोजनशाला एवं विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग कक्षों के निर्माण का कार्य मंगलवार से प्रारम्भ कर दिया गया है। सम्मेलन के लिए अब तक अंतिम रूप से 4000 प्रविष्ठियां प्राप्त हो चुकी हैं, लिहाजा अब केवल स्पॉट पंजीयन की सुविधा बाहर से आने वाले बंधुओं के लिए ही उपलब्ध रहेगी।

मप्र वैश्य कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी विनोद अग्रवाल, प्रेमचंद गोयल, राजेश चेलावत तथा परिचय सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष दिनेश मित्तल के मार्गदर्शन में सम्मेलन की सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। मंगलवार को शहर के प्रमुख वैश्य घटकों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन भी सम्पन्न हो गया। इस सम्मेलन में अग्रवाल, श्वेताम्बर एवं दिगम्बर जैन, माहेश्वरी, चित्तोड़ा महाजन, खंडेलवाल, विजयवर्गीय, मेडतवाल, मोढ, नीमा, गहोई वैश्य, पोरवाल, गंगराडे सहित सभी प्रमुख वैश्य घटकों के प्रत्याशियों ने अपनी प्रविष्ठियां भेजी हैं और प्रत्येक समाज के वरिष्ठजनों को शामिल करते हुए सम्पर्क मिलन समितियों का गठन भी किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा रिश्ते हो सकें। सम्मेलन में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए 20 से अधिक समितियां गठित की गई हैं।

संगठन के अरविन्द बागड़ी, धीरज खंडेलवाल, अशोक खंडेलवाल, राजेश गर्ग, शिव जिन्दल एवं निपुण गर्ग ने बताया कि 28 वर्ष से अधिक आयु के 4000 प्रत्याशियों की प्रविष्ठियां प्राप्त होना ही इस परिचय सम्मेलन की उपयोगिता और महत्ता को इंगित करता है। अब तक प्राप्त प्रविष्ठियों में अधिकांश उच्च शिक्षित युवक-युवतियों की है जिनमें सबसे अधिक संख्या आईटी सेक्टर, डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, सीए, सीएस, एमबीए एवं स्वयं के कारोबार के स्थापित प्रत्याशियों की है। वैश्य समाज के 25 प्रमुख घटकों के प्रत्याशी इस परिचय सम्मेलन में शामिल होकर अपने लिए श्रेष्ठ जीवनसाथी का चयन कर सकेंगे। उच्च शिक्षा एवं जॉब की बढती प्रवृत्ति या जरूरत के कारण विवाह की उम्र बढ़ गई है। इस स्थिति में यह परिचय सम्मेलन वैश्य घटकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है।

भूमि पूजन के पश्चात आयोजित बैठक में अरविन्द बागड़ी ने दोनों दिन की सम्भावित प्रक्रिया बताई, वहीं अध्यक्ष दिनेश मित्तल ने कहा कि अभिभावक भले ही बच्चों को उच्च शिक्षा दिलवाएं लेकिन उनके विवाह 25 वर्ष के आसपास की उम्र में अवश्य करें। सम्मेलन संयोजक राजेश गर्ग ने कहा कि जीवनसाथी के चयन में अब युवक-युवतियों की राय भी महत्वपूर्ण हो गई है अतः पालकों को निर्णय लेने में प्रत्याशी की भावनाओं को भी महत्व देना होगा। समन्वयक धीरज खंडेलवाल ने वैश्य समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे खुलेमन से एक दूसरे से रोटी-बेटी के रिश्तों पर बातचीत करें । यह परिचय सम्मेलन इस दिशा में बहुत उपयोगी साबित होगा। संयोजक शिव जिंदल ने वैश्य समाजों में तलाक के बढ़ते मामलों को देखते हुए परिचय सम्मेलन के दौरान इस विषय पर भी चिंतन करने की बात कही। बैठक में अशोक खंडेलवाल, राखी विजयवर्गीय, राजेंद्र महाजन ने भी अपने विचार रखे और परिचय सम्मेलन को पूरी तरह सार्थक एवं सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

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