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दुर्गा सप्तशती पर संस्कृत में विलक्षण शोध कार्य के लिए पं. राहुल कृष्ण शास्त्री को विद्यावाचस्पति की उपाधि मिलने पर विद्याधाम में सम्मान

 

दुर्गा सप्तशती पर संस्कृत में विलक्षण शोध कार्य के लिए पं. राहुल कृष्ण शास्त्री को विद्यावाचस्पति की उपाधि मिलने पर विद्याधाम में सम्मान

इंदौर, । विमानतल मार्ग स्थित श्री श्रीविद्याधाम पर आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के सानिध्य में आश्रम के आचार्य पं. राहुल कृष्ण शास्त्री को महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा विद्यावाचस्पति की प्रतिष्ठित उपाधि मिलने पर सम्मानित किया गया।

पं. राहुल कृष्ण शास्त्री ने दुर्गा सप्तशती पर विलक्षण शोध कार्य के साथ ही मार्कण्डेय पुराण की 241 पांडुलिपियों का अध्ययन और विश्लेषण करने जैसा अभूतपूर्व शोध कार्य किया है जिसके लिए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. शिवशंकर मिश्र ने उन्हें विद्यावाचस्पति की उपाधि से अलंकृत करने की घोषणा की है। आचार्य पं. शास्त्री ने “श्रीदुर्गा सप्तशत्याः श्लोक संख्या पाठ भेदयो: समीक्षात्मकमध्ययनम्” विषय पर अपना शोध तैयार किया है। इस विषय पर शोध कार्य करने वाले वे प्रदेश के संभवतः एकमात्र शोधार्थी बन गए हैं जिन्होंने देव भाषा संस्कृत में अपना सम्पूर्ण शोध कार्य सम्पन्न किया है। उज्जैन स्थित विश्वविध्यालय के मुख्यालय में आयोजित साक्षात्कार में शोध निदेशक डॉ. तुलसीदास परोहा एवं दिल्ली से ऑनलाइन जुडी बाह्य परीक्षक की उपस्थिति में कुलगुरु प्रो. मिश्र ने पं. शास्त्री को उक्त उपाधि प्रदान करने की घोषणा करते हुए उनके द्वारा तैयार शोध ग्रन्थ भी उन्हें भेंट किया। इस उपलक्ष्य में श्री श्रीविद्याधाम पर महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के सानिध्य में आश्रम के न्यासी मंडल की ओर से स्वामी शिवानन्द सरस्वती, न्यासी राजेंद्र महाजन, ममता शुक्ला, रेणुका गुप्ता एवं स्वामी गिरिजानंद सरस्वती वेद-वेदांग विद्यापीठ के वेदपाठी बटुकों ने उनका अभिनन्दन किया। पं. शास्त्री ने अपनी इस उपलब्धि को ब्रह्मलीन स्वामी गिरिजानंद सरस्वती “भगवन” एवं भगवती की कृपा का परिणाम बताते हुए अपने सम्मान को श्रीश्रीविद्याधाम को समर्पित करने का संकल्प व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि पं. शास्त्री ने प.पू. भगवन के सानिध्य में रहकर कर्मकांड की शिक्षा पूरी की है और वे अब तक देश के चार धामों सहित अनेक तीर्थस्थलों पर भागवत ज्ञान यज्ञ की यश पताका फहरा चुके हैं।

 

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